
बिश्रामपुर। सूरजपुर जिले के एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की अमेरा कोल परियोजना (Amera Coal project) में कार्यरत एक लिपिक साइबर ठगी का शिकार हो गए। अज्ञात हैकर द्वारा कथित रूप से मोबाइल को हैक कर उनके बैंक खाते से 1 लाख रुपए से अधिक की रकम आहरित किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में ऑनलाइन बैंकिंग और मोबाइल सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। लिपिक ने मामले की शिकायत बिश्रामपुर थाने में दर्ज कराई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है।
अमेरा परियोजना में लिपिक के पद पर कार्यरत नंद किशोर वर्मा के मोबाइल फोन को अज्ञात व्यक्ति ने कथित रूप से हैक कर बैंक खाते से जुड़ी जानकारी हासिल की और इसके बाद खाते से 1 लाख रुपए से अधिक की राशि निकाल ली। खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी मिलने के बाद लिपिक को साइबर ठगी का पता चला।
शिकायत में लिपिक ने बिश्रामपुर पुलिस को बताया है कि अज्ञात ठग (Cyber fraud accused) द्वारा उनके मोबाइल को हैक किए जाने के बाद बैंक खाते से रकम पार की गई है। घटना में किस तकनीक का इस्तेमाल किया गया, यह फिलहाल जांच का विषय है। पुलिस बैंकिंग लेनदेन, मोबाइल गतिविधियों तथा संबंधित तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।
मामले को लेकर लिपिक नंद किशोर वर्मा ने बिश्रामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खाते से रकम किस माध्यम से निकाली गई और इस वारदात के पीछे कौन लोग शामिल हैं? साथ ही बैंकिंग लेनदेन (Banking) से जुड़े विवरण और तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
बता दें कि मोबाइल और डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधियों (Cyber criminals) द्वारा ठगी के नए-नए तरीके अपनाए जाने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। मोबाइल हैकिंग, फर्जी लिंक, ओटीपी हासिल करना, संदिग्ध एप डाउनलोड करवाना और बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर खाते से रकम निकालना साइबर अपराध के प्रमुख तरीकों में शामिल हैं।