Big fraud: पहले व्हाट्सएप Group में जोड़ा, फिर 22 दिन में अलग-अलग खाते में यूपीआई और आरटीजीएस के जरिए जमा कराए रुपए, शिक्षिका ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
विश्रामपुर। ऑनलाइन ट्रेडिंग में बेहतर मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने सूरजुपर जिले के जयनगर बाजारपारा हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ एक महिला व्याख्याता से 48 लाख रुपए से अधिक की ठगी (Big fraud) कर ली। शिक्षिका अधिक मुनाफे के लालच में आकर रुपए गंवा बैठी। शिक्षिका ने ट्रेडिंग में लगाने के लिए परिचितों व रिश्तेदारों से भी उधार में रुपए लिए थे। अब वह अपने किए पर पछता रही है। पीडि़ता की शिकायत पर विश्रामपुर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिश्रामपुर के ऑफिसर कॉलोनी निवासी राजेश्री नारायण जयनगर के बाजारपारा स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में व्याख्याता के पद पर पदस्थ है। कुछ दिन पूर्व उसे सोशल मीडिया के माध्यम से इनवेस्को इंडिया फाइनेंशियल रिपोर्ट डिकोडिंग ग्रुप नामक वाट्सएप ग्रुप (Big fraud) से जोड़ा गया।
ग्रुप में मौजूद मोबाइल नंबर 2 धारकों ने आईपीओ ट्रेडिंग के जरिए अधिक लाभ का लालच दिया और एक लिंक के माध्यम से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अकाउंट खुलवाया। इसके बाद ठगों (Big fraud) ने अलग-अलग तिथियों में यूपीआई और आरटीजीएस के जरिए विभिन्न बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई।
6 से 28 अप्रैल के बीच व्याख्याता ने कई किस्तों में 48 लाख रुपए से अधिक जमा किए। जब उन्होंने राशि निकालने का प्रयास किया, तब ठगों ने टैक्स और सर्विस चार्ज के नाम पर और 4 लाख रुपए जमा करने का दबाव बनाया, जिससे उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
महिला व्याख्याता ने बताया कि निवेश के लिए उन्होंने अपने पति अमरेंद्र नारायण स्टाफ ऑफिसर पीएंडपी एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के परिचितों समेत रिश्तेदारों से उधार लेकर पैसे जुटाए थे। घटना (Big fraud) के बाद उन्होंने एनसीआरबी पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है।
विश्रामपुर पुलिस ने महिला व्याख्याता की रिपोर्ट पर धारा 318 (4), 61(2) बीएनएस और आईटी एक्ट की धारा 66 (डी) के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। पुलिस ठगी की राशि (Big fraud) को होल्ड कराने और आरोपियों की पहचान में जुटी है।
जागरूकता अभियानों के बावजूद लोग अधिक मुनाफे के लालच में साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। बिश्रामपुर क्षेत्र में इतनी बड़ी राशि की ठगी का यह पहला मामला सामने आया है।