CG health system: प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरगी का मामला, ग्रामीणों का कहना है कि कई बार एंबुलेंस को किया गया फोन, लेकिन नहीं मिली मदद
प्रतापपुर। सरगुजा संभाग के ग्रामीण इलाकों में आज भी गांव तक सडक़ नहीं होने के कारण बीमार ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा (CG health system) नहीं मिल पा रही है। ऐसे में परिजनों द्वारा झेलगी या खाट का सहारा लिया जाता है। कई बार तो कॉल करने के बाद भी उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती है। ऐसा ही एक मामला सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोरगी से सामने आया है। यहां एंबुलेंस नहीं मिलने पर एक बीमार ग्रामीण को उसके परिजन झेलगी में ढोकर 25 किलोमीटर पैदल चले। फिर उसे प्रतापपुर अस्पताल में भर्ती कराया। एंबुलेंस नहीं मिलने को लेकर ग्रामीणों में रोष है, उन्होंने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम गोरगी निवासी नान साय कोड़ाकू की तबियत ज्यादा खराब हो गई थी। रविवार की सुबह परिजनों ने उसे अस्पताल ले जाने 108 पर कॉल किया। कई बार कॉल (CG health system) करने के बाद भी उन्हें मदद नहीं मिली। वहीं गांव के अन्य लोगों से भी उन्होंने गुहार लगाई। इधर नान साय की तबियत बिगड़ती जा रही थी।
यह देख परिजन झेलगी में उसे ढोकर प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। प्रतापपुर से ग्राम गोरगी की दूरी करीब 25 किमी है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पैदल करीब 5 घंटे का सफर तय किया। फिलहाल अस्पताल में भर्ती कर पीडि़त नान साय का इलाज किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने का दावा तो किया जाता है, लेकिन धरातल पर ऐसा नजर नहीं आता। कई बार गर्भवती महिला से लेकर बीमार लोगों को झेलगी या खाट (CG health system) पर ढोकर उनके परिजन अस्पताल तक पहुंचते हैं। इस मामले में भी यही हुआ।
बताया जा रहा है कि झेलगी में नानसाय को लाते समय रास्ते में कई लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सुविधा पर सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर लोग सवार खड़े कर रहे हैं।
इस संबंध में सूरजपुर सीएमएचओ कपिलदेव पैंकरा ने कहा कि यह बड़ी लापरवाही (CG health system) है। मामले की जांच कराई जाएगी। यदि परिजन 25 किमी ढोकर मरीज को लाए हैं तो यह गलत है। वाहन उपलब्ध होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रतापपुर स्वास्थ्य विभाग से मामले की जानकारी लेता हूं। ग्रामीण को बेहतर उपचार देने की हरसंभव कोशिश की जाएगी। वहीं जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।