Mother murder: दो दिन तक घर में घायल हालत में पड़े रहने से हो गई मौत, सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
विश्रामपुर। रिश्तों को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात में एक बेटे ने मामूली विवाद में अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या कर दी। सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि घायल मां दो दिनों तक घर में बेहोश पड़ी रही और आखिरकार दम तोड़ दिया। इधर मां को बेहोशी की हालत (Mother murder) में देख जब बहन इलाज कराने की बात करने लगी तो उसने उसे भी धमकाया और कहा कि किसी को बताया तो उसे भी जान से मार डालेगा। इससे बहन डर से चुप हो गई। इधर मां की मौत होने के बाद उसने पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
23 अप्रैल को अंबिकापुर के नामपारा निवासी सुखमनिया ने सूरजपुर जिले के लटोरी चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 21 अप्रैल को वह अपनी मां सोमारी बाई (Mother murder) से मिलने ग्राम लटोरी बैगापारा आई थी। रात में भोजन के बाद मां-बेटी घर के दरवाजे के सामने जमीन पर सो रही थे।
इसी दौरान रात करीब 9 बजे छोटा भाई सुखलाल काम से घर लौटा। दरवाजे के सामने मां को सोता देख वह आगबबूला हो गया। उसने गुस्से में कहा कि दरवाजे के सामने क्यों सो रही हो, बाइक अंदर नहीं जा पा रही है और इसी बात को लेकर वह मारपीट पर उतारू (Mother murder) हो गया।
गुस्से में बेकाबू हुए पुत्र सुखलाल ने दरवाजा बंद करने वाले लकड़ी के हटका से मां के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से सोमारी बाई मौके पर ही बेहोश (Mother murder) होकर गिर पड़ी।
जब आरोपी की बहन सुखमनिया बेसुध पड़ी मां की मदद के लिए बाहर जाने लगी तो आरोपी ने धमकी दी कि अगर किसी को बुलाया या रिपोर्ट की तो तुझे भी जान से मार (Mother murder) दूंगा। डर के कारण वह चुप रह गई।
घटना के बाद भी आरोपी ने मां का कोई इलाज नहीं कराया। अगले दिन भी सोमारी बाई घर के अंदर बेहोशी की हालत में पड़ी रही। 23 अप्रैल की सुबह जब सुखमनिया ने मां को जगाने की कोशिश की तो वह मृत पाई गईं।
बहन सुखमनिया की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामले की जांच कर हत्या (Mother murder) के आरोपी 35 वर्षीय सुखलाल पिता स्व. रामजीत को ग्राम गंगापुर के पास से गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक मानिक दास, प्रधान आरक्षक दिलेश्वर, आरक्षक विकास मिश्रा, संतोष जायसवाल, मनोज सिदार, इश्तियाक, हरिओम पांडेय, महिला आरक्षक मालती व शोभा एक्का सक्रिय रहे।