
Arun Sao Surguja Visit: छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री अरुण साव गुरुवार को सरगुजा प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने प्रतापपुर-अंबिकापुर-खड़गवां मार्ग पर स्थित महानदी पुल का औचक निरीक्षण किया। पुल और सड़क की खराब स्थिति देखकर मंत्री साव अधिकारियों पर नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
महानदी पर बने पुल से होकर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। निरीक्षण के दौरान पुल पर सड़क की स्थिति खराब मिलने पर अरुण साव ने अधिकारियों से सवाल किया कि इतने महत्वपूर्ण मार्ग पर पुल की ऐसी हालत कैसे हो गई। मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह कोई छोटी सड़क नहीं है, बल्कि मुख्य मार्ग पर बना बड़ा पुल है। इसके बावजूद यहां सड़क की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अरुण साव ने अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा, “न आपको सेंक्शन में दिक्कत है और न कहीं दिक्कत है। इतना बड़ा ब्रिज है और उसकी ये दुर्दशा है। मेन रोड के ब्रिज की ये हालत बनाकर रखे हो। इससे एक्सीडेंट होगा कि नहीं, प्रतीक्षा कर रहे हो एक्सीडेंट का?” मंत्री ने कहा कि सड़क और पुल की स्थिति को लेकर बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अगर मौके पर काम दिखाई नहीं देता है तो यह गंभीर लापरवाही है।
अरुण साव ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर व्यवस्था इसी तरह चलती रही तो उन्हें खुद एक-एक ब्रिज और एक-एक सड़क का निरीक्षण करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “मुझे आकर देखना पड़ेगा एक-एक ब्रिज, एक-एक सड़क। आज का तो हुआ नहीं है। बार-बार बोलने के बाद समझ नहीं आता है।” मंत्री की नाराजगी के बाद अधिकारियों ने सड़क की स्थिति को सुधारने और जरूरी मरम्मत कार्य जल्द कराने की बात कही।
अरुण साव ने अधिकारियों से कहा कि केवल दफ्तर में बैठकर काम की निगरानी करने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी। अधिकारियों को खुद मौके पर पहुंचकर सड़कों और पुलों की स्थिति देखनी होगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अधिकारियों को मैदान में उतरकर काम करना होगा। उन्होंने सरगुजा के अधिकारियों को भी चेताते हुए कहा कि एसी कमरों में बैठकर काम करने के बजाय मौके पर जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें।
निरीक्षण के दौरान सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्ग पर स्थित पुल और सड़क की स्थिति ऐसी नहीं होनी चाहिए, जिससे लोगों को परेशानी हो या हादसे का खतरा पैदा हो। अरुण साव के औचक निरीक्षण और नाराजगी के बाद अब संबंधित विभाग के अधिकारियों पर सड़क की मरम्मत और व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी है। इस दौरान मंत्री ने साफ किया कि सड़क और पुलों की गुणवत्ता और रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।