
BJP Leaders Clash on social media: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में सोशल मीडिया पर भाजपा के भीतर चल रहा गतिरोध देखने को मिला। जिले के बरीघाट इलाके में पैदा हुए जल संकट के बाद जिले के नचनवारा और अस्तौन के स्टापडेम में सुरक्षित किया गया पानी छोड़ा गया तो भाजपा की राजनीति में उबाल आ गया। इस उबाल के साथ ही पार्टी के अंदर चल रहा गतिरोध भी खुलकर सोशल मीडिया पर दिखाई देने लगा। इस पानी ने एक बार फिर से साफ कर दिया है कि पार्टी के अंदर पानी की तरह कुछ भी साफ नहीं है। दरअसल बरीघाट में पानी के संकट को देखते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष सरोज राजपूत नै एक पत्र यूपी के मंत्री मनोहर लाल पंथ को लिखा था।
जिसमें उन्होंने उनके विधानसभा क्षेत्र के क्योलारी बांध से एक एमसीएम पानी छोड़ने की मांग की थी। इस बीच प्रशासन लगातार पानी के लिए प्रयास कर रहा था। ऐसे में अस्तौन एवं नचनवारा के स्टॉपडेम में सुरक्षित किए गए पानी को बरीघाट लाने का प्रयास शुरू किया था। इसके लिए नगर पालिका अमले ने मंगलवार को इन डेम के गेट को खोला तो 15 घंटे बाद बुधवार को बरीघाट में पानी पहुंच गया था। यह पानी पहुंचने के साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष सरोज राजपूत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और क्योलारी बांध के गेट खोलने के लिए यूपी के मंत्री मनोहर लाल पंथ का आभार जताया। साथ ही उन्होंने कलेक्टर को भी धन्यवाद दिया कि बांध से पानी छूटते ही उन्होंने तत्काल इसे बरीघाट तक सुरक्षित लाने का प्रयास किया।
इस पोस्ट के सामने आते ही भाजपा के पूर्व विधायक राकेश गिरि ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर क्योलारी बांध के वीडियो और फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि कुछ लोग झूठी पोस्ट कर रहे है कि पानी क्योलारी बांध से छोड़ा गया है। आप वीडियो में देख सकते है कि डेम के गेट बंद है। जो भी पानी आया है वह अस्तौन और नचनवारा के स्टॉपडेम से आया है। उन्होंने इस समस्या को समय से हल करने के लिए कलेक्टर को धन्यवाद दिया है।
सोशल मीडिया पर जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक के इस गतिरोध को लेकर जहां पार्टी में हलचल मच गई है तो कांग्रेस ने भी इस पर निशाना साधा है। कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला का कहना था कि भाजपा 20 सालों से शहर की पेयजल की समस्या दूर नहीं कर सकी है। अब जब कलेक्टर के प्रयास से जिले के स्टॉपडेम से पानी बरीघाट पहुंचा है तो इसमें भी भाजपा में झूठा श्रेय लेने की होड़ मच गई है। जनता की समस्या दूर न करने वाली भाजपा आज भी राजनीतिक लाभ लेने से पीछे नहीं हट रही है।