
Central Minister Virendra Kumar strict: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में सरकारी धन के दुरुपयोग और निर्माण में लापरवारी का मामला सामने आया है। यहां हाल ही में अटल सभागार भवन बनकर तैयार हुआ है। इसका लोकार्पण करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने जैसे ही उसे निहारा तो उन्हें भ्रष्टाचार की बू आ गई। सोमवार को लिधौरा ताल में अपनी सांसद निधि को भ्रष्टाचार की बेंट चढ़ते देख वे इतने नाराज हुए कि वे आए तो लोकार्पण करने थे, लेकिन बिना उद्घघाटन किए ही वहां से लौट गए।
केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र (Central Minister) जब अटल सभागार का उद्घाटन करने टीकमगढ़ पहुंचे तो उनका ध्यान सभागार के उखड़े फर्श पर पड़ा। नजर घुमाते ही दीवारों पर आईं दरारें देख वे तिलमिला गए। उद्घाटन से पहले ऐसे हालात देख मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई और बिना फीता काटे ही कार्यक्रम स्थल से वापस लौट गए।
बता दें कि तय कार्यक्रम के मुताबिक सोमवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार को मुख्य अतिथि के रूप में नवनिर्मित अटल सभागार में मौजूदगी दर्ज करानी थी। वे समय पर पहुंच गए। लोकार्पण से पहले सभागार में बैठकर उन्होंने विधि-विधान से पूजन तो किया, लेकिन जब उनकी नजर चारों तरफ दिखी बदहाली पर पड़ी, तो उन्होंने सभागार का उद्घाटन करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि जनता के पैसे की बर्बादी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बता दें कि सांसद निधि से लगभग 10 लाख रुपए की राशि खर्च कर सार्वजनिक उपयोग के लिए यह सभागार तैयार किया गया है। इस सभागार के निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग को दी गई थी। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि स्वीकृत मापदंडों के मुताबिक सभागार के फर्श पर कोटा स्टोन लगाया जाना था, लेकिन उसकी जगह सीमेंट घटिया फर्श बना दिया गया। सीमेंट का ये फर्श उद्घाटन से पहले ही कई जगह से उखड़ा हुआ था। इसके अलावा सभागार की सीढ़ियों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी और उनमें जगह-जगह दरारें नजर आ रही थीं।
घटिया निर्माण की पोल खुलते ही केंद्रीय मंत्री ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री मनोज दुबे को मौके पर ही कड़ी फटकार लगा दी। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का उपयोग पूरी गुणवत्ता के साथ होना चाहिए। यही नहीं उन्होंने इंजीनियर को स्पष्ट शब्दों में हिदायत भी दी कि जनता के हितों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान यह भी कहा कि उन्हें स्वागत-सत्कार या फूल-मालाओं की जरूरत नहीं है। जनता के लिए गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ निर्माण कार्य ही मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। अधिकारियों से नाराज मंत्री ने उन्हें निर्देश दिए कि जब तक सभागार के फर्श पर दोबारा कोटा स्टोन से नहीं बिछाया जाता, सीढ़ियों की मरम्मत नहीं की जाती और पूरे भवन की गुणवत्ता में आवश्यक सुधार नहीं किए जाते तब तक इसका उद्घाटन नहीं किया जाएगा। बता दें कि इस मौके पर उनके साथ सांसद प्रतिनिधि अनुराग वर्मा, विवेक चतुर्वेदी, किशन पटेरिया सहित भाजपा कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।