
Chiyaan Vikram Lar Gibbon video: साउथ अभिनेता चियान विक्रम ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक लार गिब्बन के साथ मजेदार पल शेयर किया था जिसका वीडियो तेजी से सभी प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। शुरू में फैंस जानवर के साथ एक्टर की प्यारी बातचीत की तारीफ करते नहीं थक रहे थे, लेकिन जल्द ही यह वीडियो एक बड़े कानूनी विवाद का रूप ले बैठा। जब एक जर्नलिस्ट ने दावा किया कि लार गिब्बन को पालतू जानवर के तौर पर रखना गैर-कानूनी है। एनिमल एक्टिविस्ट्स ने भी इस वीडियो पर ध्यान दिया और ऑनलाइन चिंता जताना शुरू कर दिया।
जर्नलिस्ट ने अभिनेता चियान विक्रम को लेकर एक वीडियो शेयर किया और दावा किया, "एक्टर विक्रम और उनके समधी सीके रंगनाथन बड़ी मुश्किल में हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यह बंदर इंडोनेशिया का रहने वाला लार गिब्बन है। इसे पालतू जानवर के तौर पर रखना गैर-कानूनी है। इसे साउथ-ईस्ट एशिया से मणिपुर, इरोड और फिर चेन्नई में सी.के रंगनाथन के घर लाया गया था।"
जर्नलिस्ट ने आगे खुलासा किया कि विवाद बढ़ता देख विक्रम ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से यह पोस्ट डिलीट कर दिया है और तमिलनाडु वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। आपको बता दें कि सी.के. रंगनाथन प्रसिद्ध केविनकेयर (CavinKare) कंपनी के संस्थापक हैं और विक्रम की बेटी के ससुर हैं।
इन दावों ने जल्द ही सोशल मीडिया यूजर्स के बीच बहस छेड़ दी है। एक यूजर ने कमेंट किया, "भारत में कानून अक्सर अमीरों पर लागू नहीं होते।" वहीं, विवाद से पहले फैंस विक्रम के इस वीडियो को बेहद प्यारा बता रहे थे और जानवर के प्रति उनके लगाव की तारीफ कर रहे थे।
लार गिब्बन एक जंगली प्राइमेट है जो साउथ-ईस्ट एशिया का रहने वाला है और इंटरनेशनल वाइल्डलाइफ-ट्रेड रेगुलेशन के तहत सुरक्षित है। भारत में, ऐसे अनोखे वाइल्डलाइफ को रखने के लिए कुछ खास कानूनी जरूरतें होती हैं, जिसमें कब्जा, रजिस्ट्रेशन और ट्रांसफर से जुड़े नियम शामिल हैं। यह जानवर CITES अपेंडिक्स I के तहत लिस्टेड है, जो इसके इंटरनेशनल ट्रेड पर सख्त कंट्रोल रखता है। इसलिए, भारत में लार गिब्बन रखने से कानूनी चिंताए हो सकती हैं अगर जानवर को जरूरी डॉक्यूमेंट और परमिशन के बिना खरीदा, इंपोर्ट या रखा गया हो।
तमिलनाडु वन विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह जानवर कैसे चेन्नई के एक निजी आवास में पहुंचा। मुख्य वन्यजीव वार्डन राकेश कुमार डोगरा ने कहा कि विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस विदेशी प्रजाति के कब्जे और स्थानांतरण से जुड़े सभी कानूनी आवश्यकताओं का पालन किया गया है।