Chiranjeevi on Casting Couch in Tollywood: साउथ सुपरस्टार चिरंजिवी ने फिल्म इंडस्ट्री में होने वाले कास्टिंग काउच की घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। क्या कुछ कहा अभिनेता ने, चलिए जानते हैं।
Chiranjeevi on Casting Couch in Tollywood:तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच को लेकर लंबे समय से चल रही बहस पर अब मेगास्टार चिरंजीवी ने अपनी राय रखी है। हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चिरंजीवी ने साफ शब्दों में कहा कि टॉलीवुड को एक नकारात्मक छवि के साथ जोड़ना सही नहीं है। उनके मुताबिक, तेलुगु सिनेमा एक अच्छा और सुरक्षित कार्यस्थल है, जहां मेहनती और समर्पित कलाकारों को आगे बढ़ने के भरपूर मौके मिलते हैं।
अपने दशकों लंबे करियर का हवाला देते हुए चिरंजीवी ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री भी बाकी पेशों की तरह ही है, जहां सब कुछ इंसान की सोच, व्यवहार और व्यक्तिगत मूल्यों पर निर्भर करता है। उन्होंने ये भी कहा कि किसी एक या दो अनुभवों के आधार पर पूरी इंडस्ट्री को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं होगा। चिरंजीवी का मानना है कि अगर कोई कलाकार अपने काम को लेकर साफ और अनुशासित है, तो शोषण जैसी स्थितियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान अभिनेता ने ये भी कहा कि असहज परिस्थितियां हर जगह पैदा हो सकती हैं, लेकिन उन्हें एक संगठित संस्कृति का नाम देना गलत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्री एक आईने की तरह है, जो व्यक्ति के व्यवहार और इरादों को ही वापस दिखाती है। चिरंजीवी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है, जहां कुछ लोग उनके विचारों से सहमत नजर आ रहे हैं, तो कुछ इसे अधूरा सच बता रहे हैं।
दरअसल, बीते कुछ वर्षों में कई अभिनेत्रियों ने अपने अनुभव साझा किए हैं, जिनसे इस मुद्दे की गंभीरता सामने आती है। कुछ कलाकारों ने खुलकर बताया कि करियर की शुरुआत में उन्हें असहज हालात का सामना करना पड़ा। इन अनुभवों ने ये सवाल खड़ा किया है कि क्या कास्टिंग काउच सिर्फ व्यक्तिगत समस्या है या फिर सिस्टम से जुड़ा मामला।
एक ओर चिरंजीवी जैसे दिग्गज कलाकार व्यक्तिगत जिम्मेदारी और पेशेवर सीमाओं की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर युवा अभिनेत्रियों के अनुभव ये दिखाते हैं कि इंडस्ट्री में नए लोगों के लिए राह हमेशा आसान नहीं होती। खासकर कम उम्र और कम अनुभव वाले कलाकार कई बार दबाव की स्थिति में आ जाते हैं। ऐसे में यह बहस और भी संवेदनशील हो जाती है।