Vijay Thalapathy CM: तमिलनाडु में सुपरस्टार विजय थलपति की राजनीतिक जीत की गूंज के बीच राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ए शंकर उर्फ ‘सवुक्कु’ शंकर की तुरंत रिहाई का आदेश जारी किया है। जानिए कौन हैं सवुक्कु शंकर और क्या है पूरा मामला…
Savukku Shankar released Tamil Nadu government order: तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त हलचल मची हुई है। एक तरफ जहां साउथ सुपरस्टार विजय थलपति की राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' (TVK) की हालिया सियासी जीतों और बढ़ते कदम ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने एक और बड़ा चौंकाने वाला फैसला लिया है। तमिलनाडु सरकार ने मंगलवार, 19 मई 2026 को ए शंकर उर्फ सवुक्कु की रिहाई का आदेश दिया। जैसे ही ये फैसला आया हर कोई हैरान रह गया। विजय के इस कदम पर सवाल उठने लगे। आइये जानते हैं आखिर कौन है ये...
ए शंकर तमिलनाडु के जाने-माने यूट्यूबर और पत्रकार हैं जो अपनी बेबाक राय और सरकार व सिस्टम पर तीखे सवालों के लिए पहचाने जाते हैं। यह तीसरी बार है जब उनके खिलाफ लगाया गया प्रिवेंटिव डिटेंशन रद्द हुआ है। इससे पहले अगस्त 2024 में मद्रास हाई कोर्ट ने उनकी पहली निरोधात्मक हिरासत को खारिज किया था। इस बार शंकर को 8 अप्रैल 2026 को आंध्र प्रदेश के ओंगोल से गिरफ्तार किया गया था।
आरोप था कि चेन्नई लाए जाने के दौरान उन्होंने पुलिस एस्कॉर्ट टीम पर पथराव किया। इस मामले में हत्या के प्रयास का केस भी दर्ज किया गया था। हालांकि पिछले हफ्ते ही मद्रास हाई कोर्ट ने जांच में हुई प्रगति को देखते हुए उन्हें इस मामले में जमानत दे दी थी। अब निरोधात्मक हिरासत भी रद्द होने के बाद शंकर की रिहाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। उनकी गिरफ्तारी और बार-बार हिरासत का मामला तमिलनाडु में लगातार राजनीतिक बहस का विषय बना रहा है और उनके समर्थक इसे प्रेस की आजादी से जोड़कर देखते रहे हैं।
यह फैसला राज्य सलाहकार बोर्ड की समीक्षा के बाद आया। बोर्ड ने तमिलनाडु प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट 1982 की धारा 10 के तहत शंकर की हिरासत की जांच की। इस दौरान हिरासत में लेने वाली एजेंसी के दस्तावेज देखे गए और शंकर की मौखिक दलीलें भी सुनी गईं। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद बोर्ड ने सर्वसम्मति से माना कि उन्हें निरोधात्मक हिरासत में रखने के लिए पर्याप्त औचित्य नहीं है। इसके बाद राज्य सरकार ने बोर्ड की सिफारिश को स्वीकार करते हुए रिहाई का आदेश जारी कर दिया। राज्य सरकार ने अपने आदेश में साफ कहा है कि 'सवुक्कु' शंकर को तत्काल रिहा किया जाए, बशर्ते वह किसी अन्य मामले या सजा के तहत जेल में न हों।