
K Bhagyaraj Last Message For Fans: तमिल सिनेमा के दिग्गज निर्देशक, अभिनेता और पटकथा लेखक के. भाग्यराज अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके जाने के बाद सामने आया उनका आखिरी मैसेज लाखों लोगों की आंखें नम कर रहा है। 73 वर्ष की उम्र में अचानक कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया।
पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें फिल्म जगत से लेकर राजनीति तक की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। अब उनके कार्यालय की ओर से जारी एक इमोशनल लेटर ने हर किसी को भावुक कर दिया है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
के. भाग्यराज के निधन के कुछ दिन बाद उनके कार्यालय ने उनके नाम से लिखा गया दो पन्नों का एक लेटर सार्वजनिक किया। इस पत्र में उन्होंने अपने पूरे जीवन के सफर को याद करते हुए दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने लिखा कि उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी लोगों का प्यार रहा है। उनके मुताबिक इंसान की असली खुशी तब होती है, जब वह अपने आसपास के लोगों को खुश रख सके। उन्होंने अपने प्रशंसकों, सहयोगियों और उन सभी लोगों का धन्यवाद किया, जिन्होंने हर दौर में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा जिंदा रहूंगा।'
अपने अंतिम संदेश में भाग्यराज ने आंखें दान करने के फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपनी आंखें लोगों के प्यार को देखते रहने के लिए सुरक्षित रखी हैं। उनका मानना था कि शरीर एक दिन मिट्टी या अग्नि में विलीन हो जाता है, लेकिन इंसान के अच्छे काम और उसके द्वारा दिया गया प्रेम हमेशा जीवित रहते हैं।
उन्होंने ये भी कहा कि उनकी आंखें किसी और की दुनिया रोशन करेंगी और उसी के जरिए वह लोगों को देखते रहेंगे। उनके इस संदेश ने सोशल मीडिया पर लोगों को बेहद भावुक कर दिया।
इस लेटर का सबसे भावुक हिस्सा वह था, जिसमें उन्होंने अपने बेटे और अभिनेता शांतनु भाग्यराज का जिक्र किया। उन्होंने अपने चाहने वालों से अपील की कि जिस तरह उन्हें जीवनभर प्यार और सम्मान मिला, वही स्नेह अब उनके बेटे को भी मिले।
उन्होंने लिखा कि अब से दर्शकों की तालियां और आशीर्वाद उनके बेटे के लिए सबसे बड़ी ताकत बनें। उनका विश्वास था कि फैंस का प्यार शांतनु को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
हालांकि इस पत्र के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि ये पत्र वास्तव में भाग्यराज ने पहले से लिखा था या फिर उनके निधन के बाद तैयार किया गया।
कुछ यूजर्स ने यह भी पूछा कि पत्र में उनकी पत्नी, बेटी या पोते-पोतियों का जिक्र क्यों नहीं किया गया। वहीं कई लोगों ने इस पर संदेह जताया कि यह पत्र उनके बेटे शांतनु ने उनके नाम से लिखा हो सकता है।
हालांकि दूसरी ओर बड़ी संख्या में फैंस ने इस पत्र को निर्देशक की अंतिम इच्छा बताते हुए सम्मान दिया। कई लोगों का मानना है कि आंखें दान करने की प्रक्रिया के दौरान उन्होंने पहले से यह संदेश तैयार किया होगा। एक लेखक और पटकथा लेखक होने के नाते वह अपने विचारों को इस तरह शब्दों में ढाल सकते थे।
के. भाग्यराज के अंतिम संस्कार में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, सुपरस्टार रजनीकांत और दक्षिण भारतीय फिल्म जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। उनके बेटे शांतनु ने भी बाद में सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर परिवार के साथ खड़े रहने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।