Bharathiraja Kamal Haasan On Bharathiraja: आज तमिल सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर भारतीराजा का निधन हो गया, और साउथ इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। फिल्म इंडस्ट्री की दागी बड़ी-बड़ी हस्तियां उनको श्रद्धांजलि दे रही हैं। इसी बीच उनकी फिल्म '16 वयथिनिले' (16 Vayathinile) स्टार कमल हासन द्वारा सुनाया गया एक किस्सा फिर से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे भारतीराजा ने उनको फिल्म के लिए हामी भरने पर मजबूर किया था और इस फिल्म ने बदल दी थी रजनीकांत, कमल हासन और श्रीदेवी की किस्मत।

Bharathiraja Kamal Haasan Story: दिग्गज एक्टर-फिल्ममेकर भारतीराजा का बुधवार (10 जून 2026) को चेन्नई में उनके घर पर 84 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने चार दशकों से ज्यादा के करियर में दर्जनों फिल्मों का निर्देशन किया। मगर उनकी सबसे यादगार फिल्म 1977 में आई उनकी पहली फिल्म '16 वयथिनिले' (1977) थी। ये एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी जिसमें कमल हासन, श्री देवी, और रजनीकांत में मुख्य भूमिका निभाई थी। आपको बता दें कि इस फिल्म के लिए रजनीकांत और कमल हासन ने कम बजट के चलते अपनी फीस कम कर दी थी, वहीं 14 साल की श्रीदेवी इसमें बिना मेकअप के काम करने को तैयार हो गईं थीं।
साल 2017 में कमल हासन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि दिग्गज फिल्ममेकर भारतीराजा के बारे में उनकी पहली सोच यही थी कि वो मैली धोती और शर्ट पहने हुए एक आदमी हैं। एक्टर ने बताया, "सालों पहले, मैली धोती और शर्ट पहने एक आदमी मेरे ऑफिस में स्क्रिप्ट सुनाने आया था। अगर मैंने उसके गंदे कपड़ों की वजह से ऑफर ठुकरा दिया होता, तो मैं आज यहां आपसे बात नहीं कर रहा होता।" कमल ने आगे कहा, "स्क्रिप्ट सुनने के बाद मुझे एहसास हुआ कि वो कितने जीनियस थे। वो फिल्म '16 वयथिनिले' (16 Vayathinile) थी, जो एक कल्ट क्लासिक बन गई, और वह कोई और नहीं बल्कि बेहतरीन डायरेक्टर भारतीराजा सर थे।" इसके आगे उन्होंने कहा, 'उस समय तक मैं तमिल सिनेमा में एक उभरता हुआ स्टार बन चुका था, लेकिन '16 वयथिनिले' में बिना किसी ग्लैमर वाले रोल में मेरी परफॉर्मेंस को मेरे सबसे अच्छे कामों में से एक माना जाता है। इसका काफी हद तक श्रेय डायरेक्टर भारतीराजा की सोच को जाता है।
भारतीराजा ने 2017 में चेन्नई टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "मैं स्टार बनने के लिए इस इंडस्ट्री में आया था। लेकिन उन दिनों हीरो बनने के लिए गुड़िया जैसे चेहरे की जरूरत होती थी। जेमिनी गणेशन और एवीएम राजन जैसे हैंडसम पुरुष ही हीरो हुआ करते थे। मेरे रफ-टफ लुक्स की वजह से मेरे हीरो बनने का कोई चांस नहीं था।" भारतीराजा ने माना कि वो लीडिंग मैन की बनी-बनाई छवि को तोड़ने के लिए कमल को "बदसूरत" दिखाना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने गोपालकृष्णन के रोल के लिए कमल के सिग्नेचर कर्ली बाल रखे और उन्हें खादी की हाई-बटन वाली शर्ट और लुंगी पहनाई।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस फिल्म में सिर्फ कमल ही नहीं, बल्कि रजनीकांत ने भी '16 वयथिनिले' में गांव के गुंडे 'परट्टैयन' का रोल निभाने के लिए अपनी फीस में भारी कटौती की थी। क्योंकि उस समय रजनीकांत कमल जितने बड़े स्टार नहीं थे, इसलिए उन्होंने अपनी 5,000 रुपये की फीस की मांग में 50% की कटौती की और सिर्फ 2,500 रुपये लिए। इससे उनके और डायरेक्टर के बीच कुछ अनबन भी हुई, जिसे बाद में सुलझा लिया गया। वहीं, कमल हासन ने 30,000 रुपये की अपनी फीस में से 3,000 रुपये कम किए और आखिर में उन्हें 27,000 रुपये मिले।
भारतीराजा ने फिल्म की हीरोइन 'मयील' को 9वीं क्लास की छात्रा के तौर पर सोचा था। हालांकि, जब वह श्रीदेवी से मिले, जो उस समय 14 साल की थीं, तो उन्हें लगा कि उनकी आंखों में वही "सपनों जैसी चमक" है जिसकी उन्होंने मयील के लिए कल्पना की थी। श्रीदेवी ने बिना मेकअप वाला लुक अपनाया, जिससे डायरेक्टर को हैरानी हुई। श्रीदेवी के निधन के बाद 2018 में DT Next से बात करते हुए भारतीराजा ने बताया, “शूटिंग के आखिरी दिन वह भावुक हो गईं और रो पड़ीं। जब मैंने उनसे पूछा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें वो जगहें और वो गांव याद आएगा जहां हमने फिल्म की शूटिंग की थी।”
इसमें कोई शक नहीं है कि श्रीदेवी को हिंदी सिनेमा में लाने में भी भारतीराजा की अहम भूमिका थी। श्रीदेवी ने भारतीराजा की हिंदी में डायरेक्ट की गई पहली फिल्म ‘सोलहवां सावन’ (1979) से हिंदी फिल्मों में डेब्यू किया। यह फिल्म ‘16 वयथिनिले’ का रीमेक थी। इसमें उन्होंने ‘मेहना’ का किरदार निभाया, अमोल पालेकर ‘कमल’ के रोल में थे, और कुलभूषण खरबंदा ने वह रोल किया जो तमिल ओरिजिनल फिल्म में रजनीकांत ने निभाया था।
कमल हासन जैसे स्टार के होने के बावजूद '16 वयथिनिले' को शुरुआत में कोई डिस्ट्रीब्यूटर नहीं मिला। सिर्फ 5 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म में पैसों की कमी के कारण स्लो-मोशन सीन तकनीक से नहीं, बल्कि एक्टर्स से धीरे-धीरे अभिनय करवाकर शूट किए गए। रिलीज के बाद फिल्म ने 10 लाख रुपये कमाए, 175 दिनों से ज्यादा चली और कमल हासन, रजनीकांत व श्रीदेवी के करियर को नई ऊंचाई दी।
बता दें कि डायरेक्टर के तौर पर उनकी आखिरी फिल्म 2020 में रिलीज हुई 'मींडुम ओरु मरियथाई' थी, जबकि उनका आखिरी डायरेक्टोरियल काम 2023 की एंथोलॉजी सीरीज 'मॉडर्न लव चेन्नई' का सेगमेंट 'परवाई कूटिल वाझुम मांगाल' था। इतना ही नहीं उन्होंने 15 साल तक एक्टिंग भी की और 2025 में तरुण मूर्ति की मलयालम क्राइम थ्रिलर 'थुदारुम' में भी अहम किरदार में नजर आए। बता दें कि महान निर्देशक भारतीराजा को भारतीय सिनेमा में अपना अहम योगदान देने के लिए 6 बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।