Tamil producers want adopt Allu Arjun and Ranveer Singh salary model: साउथ में स्टार्स की बढ़ती फीस को लेकर तमिल प्रोड्यूसर्स ने बड़ा बयान दिया है। काउंसिल ने हाल ही में प्रेस मीट में अल्लू अर्जुन और रणवीर सिंह का नाम लेते हुए कहा कि कुछ पैन-इंडिया स्टार्स अब 100-150 करोड़ तक फीस मांग रहे हैं, जिससे फिल्म का बजट बिगड़ रहा है।

Tamil producers adopt Allu Arjun and Ranveer Singh salary model: भारतीय फिल्म इंडस्ट्री इन दिनों एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। फिल्म बिजनेस के अनिश्चित होते जाने के बीच प्रोड्यूसर तेजी से रेवेन्यू-शेयरिंग मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे फिल्म की कामयाबी और नाकामयाबी का जोखिम सभी पक्षों के बीच बंट सके।
तमिल के फेमस प्रोड्यूसर जी धनंजयण ने पिछले एक इंटरव्यू में बताया था कि तमिल प्रोड्यूसर इस मॉडल के तहत फिल्म की कुल कमाई का 60 प्रतिशत तक स्टार्स और टेक्नीशियन को देने को तैयार हैं। उनके अनुसार प्रोड्यूसर बाकी 40 प्रतिशत रेवेन्यू से प्रोडक्शन कॉस्ट और मुनाफा निकालते हैं।
बता दें, जी धनंजयण ने इसे एक एक्जैम्पल से समझाते हुए कहा कि 'करुप्पु' जैसी हिट फिल्म को लें। अगर प्रॉफिट-शेयरिंग मॉडल होता तो जुड़े लोगों को सिर्फ मुनाफे में हिस्सा मिलता, लेकिन रेवेन्यू-शेयरिंग मॉडल में हिस्सा कुल कमाई पर आधारित होता है। तो 150 करोड़ के बजट वाली फिल्म ने 300 करोड़ कमाए तो 30 प्रतिशत रेवेन्यू हिस्सेदारी पर लीड एक्टर को 90 करोड़ मिलते जबकि बजट आधारित दर पर सिर्फ 45 करोड़ मिलते। नीचे दी गई इंटरव्यू तमिल में है पर प्रोड्यूसर जी धनंजयण ने जो बात कही है, उसका मतलब चलिए जानते है।
इतना ही नहीं, धनंजयण ने आगे बताया कि अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) पिछले कई सालों से इस रणनीति को स्मार्ट तरीके से अपना रहे हैं। उनकी सभी फिल्मों की कमाई में उनका हिस्सा होता है जिससे फिल्म के बड़ी हिट होने पर उनकी कमाई भी कई गुना बढ़ जाती है। इसके साथ ही, उन्होंने ये भी बताया कि रणवीर सिंह (Ranveer Singh) ने आदित्य धर की 'धुरंधर 2' में भी यही मॉडल अपनाया था। अगर फिल्म 2000 करोड़ रुपये कमाती तो उसी रेट के हिसाब से रणवीर को लगभग 600 करोड़ रुपये मिलते।
हालांकि A-लिस्ट स्टार्स और टेक्नीशियन इस मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहे हैं लेकिन इंडस्ट्री का एक बड़ा हिस्सा अभी भी इससे सहमत नहीं है। तमिल सिनेमा के प्रोड्यूसर इसे पूरी क्षेत्रीय इंडस्ट्री में लागू करने की योजना बना रहे हैं ताकि सभी मुख्य पक्ष सफलता और असफलता दोनों का बोझ शेयर करें।