
Tamil Nadu Vijay Cabinet Controversy: तमिलनाडु की राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री का रिश्ता हमेशा से काफी दिलचस्प रहा है। अब एक बार फिर सिनेमा और सियासत का यही मेल चर्चा का विषय बन गया है। अभिनेता से मुख्यमंत्री बने विजय के एक फैसले ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में बहस छेड़ दी है। मामला उस वक्त गरमा गया जब अभिनेता विशाल ने फिल्म टेक्नोलॉजी और सिनेमैटोग्राफ एक्ट मंत्रालय को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
दरअसल, मुख्यमंत्री विजय ने राजमोहन को फिल्म टेक्नोलॉजी और सिनेमैटोग्राफ एक्ट मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। अभिनेता विशाल ने खुलकर सवाल उठाया कि फिल्म इंडस्ट्री इस समय कई चुनौतियों से गुजर रही है और ऐसे वक्त में इस मंत्रालय के लिए अलग सोच और अनुभव की जरूरत थी।
विशाल की प्रतिक्रिया के बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया। हालांकि, कुछ ही घंटों में कई कलाकार मुख्यमंत्री विजय के समर्थन में सामने आ गए। सबसे पहले अभिनेता अरुण विजय ने विजय के फैसले का समर्थन किया। इसके बाद अभिनेता और निर्देशक राघव लॉरेंस और सिबी सत्यराज ने भी खुलकर मुख्यमंत्री के निर्णय का बचाव किया।
सिबी सत्यराज ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी जिम्मेदारी संभालने का मौका दिए बिना उस पर सवाल उठाना सही नहीं है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री विजय इंडस्ट्री की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं और उन्होंने सोच-समझकर ही यह फैसला लिया होगा। सिबी ने भरोसा जताया कि राजमोहन आने वाले समय में फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहतर काम करेंगे।
वहीं राघव लॉरेंस ने भी विजय के फैसले को सही बताते हुए कहा कि जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हर नए मंत्री को काम समझने और खुद को साबित करने के लिए समय मिलना चाहिए। लॉरेंस ने उम्मीद जताई कि राजमोहन फिल्म जगत के हित में अच्छे फैसले लेंगे।
दिलचस्प बात यह है कि तमिल सिनेमा में विजय का प्रभाव लंबे समय से काफी मजबूत रहा है। फिल्मों में सुपरस्टार रहने के बाद राजनीति में एंट्री करने वाले विजय ने बहुत कम समय में बड़ी लोकप्रियता हासिल कर ली। मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही उनके हर फैसले पर लोगों की नजर बनी हुई है।
फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग मानते हैं कि विजय सिनेमा की समस्याओं को करीब से समझते हैं क्योंकि वह खुद इसी दुनिया से आए हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि इंडस्ट्री से जुड़े मंत्रालयों में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी मिलनी चाहिए जिनके पास तकनीकी अनुभव ज्यादा हो।