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तमिलनाडु के CM Vijay को भारी पड़ा LTTE प्रमुख को याद करना, पोस्ट पर मचा सियासी घमासान

Vijay LTTE Controversy: हाल ही में, विजय ने अपने X हैंडल पर LTTE के संस्थापक वेलुपिल्लई प्रभाकरन (Velupillai Prabhakaran) की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जिसके चलते सियासी गलियों में के एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला?
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May 20, 2026
Vijay LTTE Controversy
सीएम विजय पर LTTE प्रमुख को याद करना पड़ा भारी। (फोटो सोर्स: PTI)

Vijay LTTE Controversy: हाल ही में चुने गए तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री और सुपरस्टार थलापति विजय एक बड़े विवाद में फंस गए हैं। लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के संस्थापक वेलुपिल्लई प्रभाकरन (Velupillai Prabhakaran) की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके द्वारा की गई एक पोस्ट ने कई लोगों को निराश कर दिया है और उनको आलोचनाओं के घेरे में लेकर खड़ा कर दिया है। मगर इस पोस्ट पर इतना विवाद क्यों हो रहा है और क्या है पूरा मामला आइये जानते हैं?

तमिलनाडु सीएम C. Joseph Vijay ने पोस्ट में क्या कहा?

विजय ने LTTE के संस्थापक वी. प्रभाकरन को श्रद्धांजलि दी। (फोटो सोर्स: @TVKVijayHQ)

बता दें कि हाल ही में विजय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) हैंडल पर LTTE के संस्थापक वी. प्रभाकरन की डेथ एनिवर्सरी पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। एक्टर से पॉलिटिशियन बने सीएम विजय ने अपनी X पोस्ट में श्रीलंका के मुल्लीवाइक्कल नामक स्थान का जिक्र किया, साल 2009 में जहां श्रीलंकाई सेना द्वारा प्रभाकरन को गोली मार दी गई थी। विजय ने अपनी लिखा, "हम मुल्लीवाइक्कल की यादों को अपने दिलों में संजोकर रखेंगे! हम समुद्र पार रहने वाले अपने तमिल भाई-बहनों के अधिकारों के लिए हमेशा एकजुट होकर खड़े रहेंगे!"

आखिर क्यों हुआ पोस्ट पर विवाद?

लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE), प्रभाकरन द्वारा गठित किया गया एक अलगाववादी और उग्रवादी संगठन है, जिसका इतिहास भारत में हमेशा से विवादास्पद रहा है। ये संगठन 1976 में श्रीलंका में बनाया गया था। इसका मकसद “तमिल ईलम” नाम से तमिलों के लिए एक अलग देश बनाना था। संगठन का कहना था कि श्रीलंका में तमिल समुदाय के लोगों के साथ सिंहली बहुसंख्यक सरकार भेदभाव और हिंसा कर रही है।

हालांकि, समय के साथ यह संगठन हिंसक हमलों, राजनीतिक हत्याओं और आत्मघाती बम धमाकों के लिए कुख्यात हो गया। भारत, अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था।

जानकारी के लिए बता दें, LTTE भारत में भी प्रतिबंधित है, क्योंकि कथित तौर पर साल 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में इस संगठन का नाम सामने आया था। भारतीय जांचकर्ताओं ने प्रभाकरन को उस आत्मघाती बम विस्फोट के पीछे के मुख्य षड्यंत्रकारियों में से एक के रूप में नामित किया था, जिसमें तमिलनाडु में एक चुनावी रैली के दौरान राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी।

नेटिजन्स के रिएक्शन

विजय की पोस्ट के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसको लेकर अपनी निराशा व्यक्त की और सीएम विजय की राजनीति की कड़ी निंदा की। एक यूजर ने लिखा, 'यह किस तरह की राजनीति है! कांग्रेस के समर्थन से विजय CM बने, और अब वो उसी आतंकवादी संगठन को श्रद्धांजलि दे रहे हैं जो उनका दुश्मन था। एक और यूजर ने लिखा, LTTE के पूर्व प्रमुख प्रभाकरन की पुण्यतिथि पर, CM विजय ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।”

वहीं, दूसरे यूजर ने कहा, “विजय, वेलुपिल्लई प्रभाकरन की तारीफ करके आग से खेल रहे हैं, वह व्यक्ति जिसका नाम राजीव गांधी की हत्या से जुड़ा था और जिस LTTE संगठन को भारत में बैन किया गया है। राहुल गांधी और MK स्टालिन को इस गंदी राजनीति की निंदा करनी चाहिए, क्योंकि दुख का इस्तेमाल हिंसक अतीत को चमकाने के लिए नहीं किया जा सकता।"

Updated on:
21 May 2026 07:55 am
Published on:
20 May 2026 04:27 pm