
राजमहल. बीसलपुर बांध परियोजना के अभियंताओं की लापरवाही से बांध के समीप बनाई गई सुरक्षा दीवार टूटने लगी है। ये दीवार दो करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही है।
हालांकि अभी पूरा काम नहीं हुआ है। आगामी जुलाई तक इसका काम पूरा होगा। इससे पहले ही लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से बनाई गई दीवार टूटने लगी है।
जबकि इसके निर्माण का मकसद बांध पर आने वाले लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना था, लेकिन लापरवाही के चलते सम्बन्धित ठेकेदार ने कई कमियां छोड़ दी।
इससे ये दीवार टूट गई। ऐसे में हादसे होने की आशंका है। चौंकानें वाली बात ये भी है कि परियोजना के अभियंताओं ने निर्माण कार्य की देखरेख तक नहीं की।
ऐसे में ठेकेदार ने परियोजना से टेंडर का बजट उठाने के चक्कर में टूटी दीवार पर ही पुताई कर काम को पूरा दिखाने की तैयारी कर ली है।
जबकि नियमों के मुताबिक कोई भी निर्माण कार्य सम्बन्धित बिना इंजीनियर की देखरेख के नहीं होता, लेकिन प्रदेश की सबसे बड़ी परियोजना के कार्य में ही लापरवाही बरती जा रही है।
ये होना है कार्य
बीसलपुर बांध के गेट संख्या दो से तीन तक डामरीकरण सडक़, जलभराव की ओर दीवार समेत पानी के किनारे बबूल सफाई आदि का कार्य करीब दो करोड़ रुपए की लागत का है।इसका टेण्डर परियोजना ने जारी किया था। कार्य की अंतिम तिथि जुलाई का प्रथम सप्ताह है।
दो महीने में हंै ये हालात
बीसलपुर बांध के गेट संख्या दो से तीन तक दो किलोमीटर लम्बी जलभराव की ओर हादसे की आशंका को लेकर परियोजना ने सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य कराया था।
इसका निर्माण हुए अभी दो महीने भी नहीं हुए हैं और दीवार कई जगह से टूट गई है। इसी प्रकार जलभराव के करीब पहाड़ी की ओर बनाई गई सुरक्षा दीवार भी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई। इससे बारिश के दौरान पहाड़ी से गिरते पत्थर व मिट्टी से हादसे की आशंका है।
जल्द ही मरम्मत कराएंगे
सडक़ निर्माण के दौरान मशीन व वाहनों के टकराने से दीवार टूटी है। इसकी मरम्मत जल्द ही करा दी जाएगी।
आर. सी. कटारा, अधिशासी अभियंता बीसलपुर बांध परियोजना देवली