Rajasthan News: राजस्थान पुलिस ने 22 राज्यों में फैले साइबर ठग गिरोह को पकड़ा है।
Tonk News: राजस्थान में टोंक पुलिस की जिला स्पेशल टीम ने दूनी थाना क्षेत्र में राज्य स्तरीय साइबर ठग गिरोह को पकड़ा है। टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अब तक 10 से 12 करोड़ रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया है।
गिरफ्तार आरोपी दूनी थाना क्षेत्र के रामअवतार उर्फ राज पुत्र बद्रीलाल तथा हंसराज पुत्र रतनलाल है। दोनों की उम्र 26 और 28 साल है। आरोपी लोगों को फर्जी ट्रेडिंग लिंक भेजकर निवेश के नाम पर झांसे में लेते थे और फिर उनके खातों से रकम साफ कर देते थे। उनके खिलाफ देशभर में 404 शिकायतें साइबर ठगी की दर्ज है। इनमें साइबर ठगी की कुल राशि 2 करोड़ 49 लाख रुपए है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मालपुरा पुष्पेन्द्र सिंह के निर्देशन, देवली के पुलिस उपाधीक्षक हेमराज के सुपरविजन में गठित जिला स्पेशल टीम प्रभारी ओमप्रकाश के नेतृत्व में टीम ने की है।
टीम ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक लाख रुपए नकद, एक कार और करीब पांच लाख रुपए की लागत के पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर पहले से ही 404 शिकायतें दर्ज हैं। अब तक करीब 2 करोड़ 49 लाख रुपए की ठगी की पुष्टि हो चुकी है।
जबकि पुलिस पूछताछ और मोबाइल के माध्यम से हुई ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपियों ने 10 से 12 करोड़ रुपए तक की साइबर ठगी करना स्वीकार किया है। गिरोह ने देश के 22 राज्यों में सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पुलिस उपाधीक्षक हेमराज ने बताया कि आरोपी अलग-अलग राज्यों की फर्जी सिम का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस ने खुलासा किया है कि गिरोह ने 82 फर्जी सिम कार्ड का उपयोग किया है। आरोपी लोगों को फर्जी ट्रेडिंग लिंक भेजकर निवेश के नाम पर झांसे में लेते थे और फिर उनके खातों से रकम साफ कर देते थे।
पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। साइबर ठगी से जुड़े बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट, सिम सप्लायर और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी करेंगे।