टोंक

Rajasthan: राजस्थान में बड़ा खेल, नकली दूध को बता दिया असली, खाद्य सुरक्षा अधिकारी APO, 2 कॉन्स्टेबल सस्पेंड

Fake Milk: नकली दूध फैक्ट्री मामले में लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस के दो कांस्टेबल निलंबित किए गए हैं, जबकि खाद्य सुरक्षा अधिकारी को एपीओ कर दिया गया है।

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Feb 19, 2026
फाइल फोटो- पत्रिका

टोंक। मालपुरा उपखंड के डिग्गी कस्बे में गत दिनों डीएसटी की ओर से पकड़ी गई नकली दूध बनाने की फैक्ट्री से जुड़े मामले में पुलिस अधीक्षक राजेशकुमार मीना ने दो पुलिस कांस्टेबल को निलंबित कर दिया। वहीं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मालपुरा क्षेत्र के खाद्य निरीक्षक को एपीओ कर दिया। यह कार्रवाई उक्त पुलिसकर्मियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की लापरवाही के आधार पर की गई है।

गौरतलब है कि गत 2 जनवरी को डीएसटी और डिग्गी थाना पुलिस ने मिलावटी दूध बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। मौके से करीब 5500 लीटर मिलावटी दूध, 5 पिकअप और दूध का एक टैंकर सहित भारी मात्रा में केमिकल जब्त किया था। मामले में टीम ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

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कई सवाल हुए खड़े

विभागीय जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदन लाल गुर्जर ने फैक्ट्री पर डीएसटी की कार्रवाई से करीब 10-11 दिन पहले दूध के 3-4 नमूने लिए थे, जिनकी रिपोर्ट में दूध को मानक के अनुरूप सही बताया गया था। हालांकि स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया है कि पहले भी कई बार नमूने लिए गए थे। इसके बावजूद मिलावटी दूध को शुद्ध बताकर पास किया गया था। इस दौरान डीएसटी ने जब छापेमारी की तो मौके से बड़ी मात्रा में नकली दूध, सोयाबीन ऑयल, वनस्पति घी, दूध पाउडर और केमिकल बरामद हुए। इससे सैंपल रिपोर्ट और जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो गए।

प्रशासनिक बताया कारण

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाग के जयपुर मुख्यालय ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदन लाल गुर्जर को एपीओ कर दिया। उनका मुख्यालय जयपुर किया गया है। हालांकि विभागीय आदेश में एपीओ का कारण प्रशासनिक बताया गया है, लेकिन मिलावटी दूध को सही बताने के प्रकरण को ही इस कार्रवाई की मुख्य वजह माना जा रहा है।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि क्षेत्र में इतनी बड़ी गतिविधि लंबे समय से चल रही थी। सीएमएचओ शैलेंद्र चौधरी ने आदेश जारी होने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी को कार्यमुक्त करते हुए जयपुर मुख्यालय के लिए रिलीव कर दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

इधर, पुलिस अधीक्षक ने नकली दूध बनाने की अवैध फैक्ट्री की जानकारी समय पर उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाने और प्रभावी निगरानी नहीं रखने पर स्थानीय आसूचना अधिकारी कांस्टेबल रामचरण और बीट कांस्टेबल सज्जनसिंह को निलंबित कर दिया है।

जयपुर, टोंक और अजमेर तक होता था सप्लाई

डिग्गी में पकड़ी गई फैक्ट्री से प्रति दिन 80 हजार लीटर नकली दूध जयपुर, अजमेर और टोंक जिले में सप्लाई किया जाता था। फैक्ट्री में सोयाबीन ऑयल, वनस्पति घी, स्किम्ड मिल्क पाउडर और केमिकल मिलाकर नकली दूध तैयार किया जाता था। फैक्ट्री से 5 पिकअप, 2100 लीटर सोयाबीन ऑयल, 500 लीटर वनस्पति घी, 3000 किलो दूध पाउडर और 105 किलो कास्टिक सोडा जब्त किया गया था। पुलिस ने मौके से राजू, कालू, महिपाल, शिवराज और ओम प्रकाश को गिरफ्तार किया था। इस फैक्ट्री का संचालन बहरोड़ निवासी सोनू यादव कर रहा था, जिसकी तलाश जारी है।

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