टोंक

मजदूर का बेटा अग्निवीर बनकर लौटा घर, आर्मी की वर्दी में देखकर माता-पिता के छलके आंसू

इंडियन आर्मी में अग्निवीर की ट्रेनिंग पूरी कर घर लौटने पर ग्रामीणों ने गर्मजोशी के साथ माला और साफा पहनाकर स्वागत किया।
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Updated: 10 Jun 2024, 10:28 AM IST
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इंसान में कुछ करने का जुनून हो तो वह कुछ भी कर सकता है।इंसान की लगन ही उसे बुलंदियों पर पहुंचाती है।कुछ ऐसा ही कर दिखाया है पचेवर कस्बा निवासी नन्दकिशोर सैनी ने। इस मजदूर के बेटे का चयन अग्निवीर में हुआ है। इंडियन आर्मी में अग्निवीर की ट्रेनिंग पूरी कर घर लौटने पर ग्रामीणों ने गर्मजोशी के साथ माला और साफा पहनाकर स्वागत किया। छतरियों वाले बालाजी मंदिर गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकालकर घर पहुंचाया। इस दौरान गांव में जगह-जगह अग्निवीर के जवान का सैकड़ों लोगों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। देश भक्ति और भारत माता के जयकारे लगाकर हौसला अफजाई की गई। घर आने पर बेटे को आर्मी की वर्दी में देखकर माता-पिता गदगद हो गए।

इस दौरान उप सरपंच सद्दाम देशवाली,जितेन्द्र चौधरी, हंसराज सैनी, जंगबाज सिंह, नेपाल गुर्जर, सुखवीर चौधरी सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

ऐसे मिली अग्निवीर में सफलता

नन्दकिशोर सैनी ने कहा कि बचपन से ही देशभक्ति का जज्बा था और सेना में जाने का शुरू से ही लक्ष्य बना लिया था।गांव के ही सरकारी विद्यालय से अपनी बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की है।गांव में रहकर ही सीमित संसाधनों के साथ अग्निवीर भर्ती की तैयारी की।वहीं रात-दिन कड़ी मेहनत करके अग्निवीर बनने का सपना साकार किया है।

माता-पिता की मेहनत लाई रंग

अग्निवीर जवान के पिता भागचंद सैनी ने कड़ी मेहनत मजदूरी करके अपने बेटे को शिक्षा दिलाई है।बता दें कि नन्दकिशोर के बड़े भाई तेजपाल और उनकी मां भी मजदूरी करते है।बेटे के अग्निवीर बनने पर परिवारजन खुशी से फूले नहीं समा रहे है।नन्दकिशोर ने अपने सफलता का श्रेय अपने संयुक्त परिवार को दिया है।

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10 Jun 2024, 10:28 AM IST
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