
पीपलू (रा.क.).उपखंड क्षेत्र के रानोली के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से प्रधानाचार्य हनुमान प्रसाद जाट व व्याख्याता रविन्द्र विजयवर्गीय का तबादला होने पर गुस्साए विद्यार्थियों ने मंगलवार को सुबह 6.30 बजे विद्यालय के बाहर तालाबंदी करते हुए जाम लगा प्रदर्शन किया।
विद्यार्थी प्रधानाचार्य व व्याख्याता को रानोली स्कूल में ही पदस्थ करने की मांग कर रहे थे, जबकि शिक्षा विभाग ने प्रिसिंपल का तबादला उदयपुर कर दिया हैं, वहीं व्याख्याता का भी देवली में तबादला किया हैं। स्कूली छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान सरकार व शिक्षा मंत्री के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि तीन दिन में तबादला निरस्त नहीं किया था तो वह विद्यालय से अपनी टीसी कटवा लेंगे। जाम लगाकर प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच तो गई, लेकिन 12 बजे तक भी किसी के नहीं पहुंचने पर जाम स्थल पर धूप के चलते टेंट लगाया गया। इसी दौरान 2 छात्राएं धूप तथा भूखी होने के चलते बेहोश हो गई।
करीब 6 घंटे बाद पहुंचे विभागीय अधिकारी
करीब 12 बजकर 17 मिनट पर सीबीईओ दुर्गेश चतुर्वेदी, एडीईओ सीताराम साहू मौके पर पहुंचे। इसके बाद कार्यवाहक उपखंड अधिकारी प्रियंका बडगूजर, तहसीलदार कैलाशचंद नायक, डिप्टी निवाई अंजुम कायल, नायब तहसीलदार सीताराम लक्षकार मौके पर पहुंचे।
सभी ने विद्यार्थियों से समझाइश करने का प्रयास किया, लेकिन करीब 1 घंटे से अधिक समय तक समझाईश के बाद भी विद्यार्थी अपनी मांगों पर अड़े रहे। 1.30 बजे तक भी जाम लगा रहे विद्यार्थियों के समझाइश के बाद भी नहीं मानने पर डिप्टी आक्रोशित हो गई। वह विद्यार्थियों पर मुकदमा दर्ज करने सहित कई कानूनी धमकियों से डराने लगी।
डिप्टी के आक्रोशित तेवर के बाद भी जब विद्यार्थी नहीं माने तो विरोध प्रदर्शन का करवेज कर रहे मीडियाकर्मियों से बदसलूकी पर उतर आई। तथा कवरेज के लिए मना किया। जब मीडियाकर्मी नहीं माने तो डिप्टी ने थानाधिकारी से मीडियाकर्मी को पकडकऱ लाने के लिए बोला।
इसके बाद खुद डिप्टी मीडियाकर्मी के पास जाकर बहस पर उतारु हो गई तथा बदसलूकी करने लगी। करीब 7 घंटे बाद सडक़ से हटे जाम के बाद विद्यालय के अंदर 2 घंटे तक समझाइश के बाद विद्यार्थियों ने तीन दिन में तबादला निरस्त किए जाने का डीईओ के नाम प्रार्थना पत्र दिया। इस पर अधिकारियों ने उनकी बात को आगे पहुंचाने का आश्वासन देकर मामला शांत करवाया हैं।
सोमवार को मंत्री को भेजा था प्रार्थना पत्र
प्रधानाचार्य व व्याख्याता का स्थानांतरण होने का जैसे ही स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पता चला तो पहले तो उन्होंने सोमवार को पहले शिक्षा मंत्री को तबादला निरस्त करने की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र भेजा। लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर मंगलवार को गुस्साएं विद्यार्थी विरोध जताने लग गए।