Food Security Scheme : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और पेट्रोल-डीजल की संभावित किल्लत को देखते हुए जिला रसद विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए नई व्यवस्था लागू की है। जानिए यह नई व्यवस्था क्या है?
Food Security Scheme : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और पेट्रोल-डीजल की संभावित किल्लत का असर देखने को मिला है। डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए जिला रसद विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए उपभोक्ताओं को एक साथ दो माह का राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू कर दी है।
इस फैसले का उद्देश्य संभावित परिवहन बाधाओं के बीच आमजन को खाद्यान्न की कमी से बचाना है। टोंक जिले में करीब 10 लाख 2945 उपभोक्ता सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े हुए हैं। इन सभी तक समय पर राशन पहुंचे, इसके लिए विभाग ने वितरण व्यवस्था को तेज कर दिया है।
वर्तमान में जिले के 550 राशन डीलरों को 54 हजार क्विंटल गेहूं पहुंचाया जा चुका है। डीलरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तय समय सीमा में उपभोक्ताओं को दो माह का गेहूं वितरण सुनिश्चित करें। ताकि किसी भी स्थिति में लोगों को बार-बार राशन दुकानों के चक्कर न लगाने पड़ें।
अधिकारियों के अनुसार यदि पेट्रोल डीजल की आपूर्ति प्रभावित होती है तो ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। इससे खाद्यान्न की नियमित सप्लाई बाधित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अग्रिम रूप से पर्याप्त मात्रा में गेहूं उठाव कर डीलरों तक पहुंचा दिया गया है। यह व्यवस्था खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए राहतकारी मानी जा रही है, जहां परिवहन प्रभावित होने पर आपूर्ति में ज्यादा दिक्कत आती है।
दो माह का राशन एक साथ मिलने से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और अनिश्चित हालात में भी खाद्यान्न की उपलब्धता बनी रहेगी। विभाग का मानना है कि यह कदम संभावित संकट के समय में जिले के लाखों लोगों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगा।
विभाग ने जिलेभर में निगरानी तंत्र को भी सक्रिय कर दिया है। संबंधित अधिकारी लगातार राशन दुकानों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और वितरण की प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है। साथ ही उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें राशन वितरण में किसी प्रकार की समस्या आती है तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें।
सरकार की ओर से जारी आदेश के तहत उपभोक्ताओं को एक साथ दो माह का गेहूं दिया जा रहा है। राशन डीलरों को निर्देश दिए हैं कि वितरण में कोई शिकायत नहीं हो।
इन्द्रपाल मीना, जिला रसद अधिकारी टोंक