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Rajasthan PDS : अप्रैल का गेहूं नहीं, तो मई-जून का कहां से आएगा? असमंजस में भरतपुर-डीग के राशन डीलर

Rajasthan PDS : राजस्थान में एक ओर सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत तीन माह का गेहूं एक साथ बांटने के दावे कर रही है। वहीं जमीनी हकीकत यह है कि कई राशन दुकानों तक अप्रेल माह का गेहूं भी नहीं पहुंच पाया है।

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Rajasthan PDS Claims to provide three months ration wheat for April has not arrived yet Bharatpur Deeg Ration dealers dilemma

भरतपुर. राशन की दुकान पर गेहूं लेने पहुंचे लोग। फोटो पत्रिका

Rajasthan PDS : राजस्थान में एक ओर सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत तीन माह का गेहूं एक साथ बांटने के बड़े दावे कर रही है। वहीं जमीनी हकीकत यह है कि कई राशन दुकानों तक अप्रेल माह का गेहूं भी नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में मई-जून का गेहूं एक साथ वितरण करने की योजना पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है। भरतपुर जिले में गेहूं की बंपर आवक के बावजूद गोदाम फुल होने की स्थिति है, लेकिन वितरण व्यवस्था चरमराई हुई है। लाभार्थियों को समय पर राशन नहीं मिल पा रहा, जबकि कागजों में तीन माह का राशन एक साथ देने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

भरतपुर-डीग में 10-10 हजार क्विंटल गेहूं लंबित

भरतपुर जिले में कुल 584 राशन की दुकानों पर हर माह करीब 46 हजार क्विंटल गेहूं पहुंचता है, लेकिन अभी तक केवल 36 हजार क्विंटल ही पहुंच सका है। यानि करीब 10 हजार क्विंटल गेहूं अब भी अटका हुआ है। इसी तरह डीग जिले में भी हर माह 45 हजार क्विंटल की जरूरत के मुकाबले केवल 35 हजार क्विंटल ही पहुंच पाया है। यहां भी 10 हजार क्विंटल गेहूं लंबित है।

विभाग नई जुगत में

रसद विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि जब अप्रेल का कोटा ही पूरा नहीं पहुंच पाया तो मई और जून का गेहूं एक साथ कैसे वितरित होगा। विभाग अब इस जुगत में है कि पहले अप्रेल का गेहूं किसी तरह दुकानों तक पहुंचाया जाए, उसके बाद ही अगले दो महीनों का वितरण किया जा सके।

संभावना जताई जा रही है कि 15 अप्रेल के बाद ही यह प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। वहीं दूसरी ओर व्यवस्था की खामियां खुलकर सामने आ रही हैं। लेबर की कमी और ट्रांसपोर्ट की शॉर्टेज के कारण डिपो से उठाव धीमा है।

डिपो को सप्ताह के सातों दिन खुला रखने का आदेश

हालांकि सरकार ने आदेश जारी कर डिपो को सप्ताह के सातों दिन खुला रखने, अतिरिक्त श्रमिक लगाने और दो पारियों में लोडिंग करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों का असर नजर नहीं आ रहा। बंपर स्टॉक के बावजूद वितरण व्यवस्था की बदहाली ने पूरी योजना की पोल खोल दी है और गरीबों के राशन पर संकट खड़ा कर दिया है।

जिले में लाभार्थी एक नजर में

स्थान शहरी/ग्रामीण राशन कार्ड यूनिट
उच्चैन ग्रामीण 14407 64986
नदबई ग्रामीण 27302 117512
बयाना ग्रामीण 34712 160691
भुसावर ग्रामीण 19023 84585
रूपवास ग्रामीण 27431 132265
वैर ग्रामीण 18821 81613
सेवर ग्रामीण 26095 119035
उच्चैन शहरी 3218 13539
नदबई शहरी 2933 12983
बयाना शहरी 4416 19558
भरतपुर शहरी 27010 116341
भुसावर शहरी 2713 13139
रूपवास शहरी 2107 9302
वैर शहरी 3106 14051।