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Rajasthan : भरतपुर-ब्यावर ग्रीन एक्सप्रेस-वे के खिलाफ एकजुट हुए गांव, गुस्साए किसान बोले- जमीन गई तो उजड़ जाएंगे परिवार

Bharatpur-Beawar Green Expressway : भरतपुर-ब्यावर ग्रीन एक्सप्रेस-वे के खिलाफ गांव और किसान एकजुट हुए। खेत बचाने को किसानों का गुस्सा फूटा। वे बोले, जमीन गई तो उजड़ परिवार जाएंगे।

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Bharatpur-Beawar Green Expressway against Villages united Angry farmers said if land is lost family will be ruined

बयाना. डिप्टी कलक्टर को परियोजना के विरोध का पत्र सौंपते ग्रामीण। फोटो पत्रिका

Bharatpur-Beawar Green Expressway : भरतपुर के बयाना उपखंड क्षेत्र में प्रस्तावित भरतपुर-ब्यावर फोरलेन ग्रीन एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर अब ग्रामीण इलाकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। गुरुवार को सिकंदरा स्थित मिनी सचिवालय में आयोजित जनसुनवाई किसानों और ग्रामीणों के तीखे विरोध के बीच तनावपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनकी उपजाऊ जमीन छीनी गई तो उनका भविष्य अंधकार में चला जाएगा।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर आयोजित इस जनसुनवाई में भूमि अवाप्ति अधिकारी एवं एसडीएम दीपक मित्तल मौजूद रहे। इस दौरान प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक्सप्रेस-वे के नाम पर हजारों बीघा उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित की जा रही है। जिससे किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। कई किसानों ने बताया कि उनकी पूरी खेती योग्य जमीन परियोजना के जद में आ रही है और यदि अधिग्रहण हुआ तो उनके पास जीवनयापन का कोई साधन नहीं बचेगा।

'उनका अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा'

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि प्रस्तावित मार्ग कई गांवों की आबादी के बेहद नजदीक से गुजर रहा है। इससे बड़ी संख्या में परिवारों के विस्थापन का खतरा पैदा हो गया है। किसानों ने प्रशासन के सामने दर्द बयां करते हुए कहा कि वे पहले ही अंडरग्राउंड ऑयल पाइपलाइन परियोजना के कारण अपनी जमीन का हिस्सा गंवा चुके हैं और अब दोबारा जमीन छीने जाने से उनका अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा।

किसानों ने दी चेतावनी

जनसुनवाई के दौरान किसानों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सरकार ने परियोजना को जबरन लागू करने की कोशिश की तो ग्रामीण बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। किसानों ने कहा कि खेती ही उनकी जिंदगी है और जमीन बचाने के लिए वे किसी भी स्तर तक संघर्ष करेंगे।

ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए परियोजना को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई। इस दौरान ग्राम प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी किसानों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

जनसुनवाई में मौजूद रहे बड़ी संख्या में किसान

जनसुनवाई में नहरौली, समोगर, शेरगढ़, कारबारी, डुमरिया, मुआवली, रसेरी, पट्टी शहजाद, नगला अर्जुन, धुरैरी, नगला छीपी, सिकंदरा सहित आसपास के कई गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने भाग लिया।

मौके पर सरपंच भावना गुर्जर, पूर्व सरपंच परमानंद छाबड़ी, जेपी गुर्जर, अनिल पाराशर, बंटी गुर्जर, रेवती रमण, सुबुद्धि सिंह, प्रताप सिंह और ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।