Rajasthan Ring Road Project: सार्वजनिक निर्माण विभाग ने राजस्थान के विभिन्न शहरों में प्रस्तावित रिंग रोड परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जारी करने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी है। जानिए क्यों?
Rajasthan Ring Road Project Big Update: सार्वजनिक निर्माण विभाग ने राजस्थान के विभिन्न शहरों में प्रस्तावित रिंग रोड परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जारी करने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी है। विभाग ने अब पहले इन परियोजनाओं की फिजीबिलिटी रिपोर्ट और प्रारंभिक आकलन तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग द्वारा कुछ प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजे गए थे, जिन पर मिली टिप्पणियों के बाद अब अतिरिक्त जानकारी और विस्तृत आकलन मांगा गया है। विभाग ने रिंग रोड परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट, टोल आधारित बीओटी या पीपीपी मॉडल की संभावना, ओडी सर्वे के आधार पर ट्रैफिक सेंसस, भूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण, कोर्ट केस और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसे मुद्दों पर विस्तृत जानकारी मांगी है। कार्यालय मुख्य अभियंता (पथ), सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजस्थान जयपुर की ओर से 26 दिसंबर 2025 को जारी आदेश में यह निर्देश अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं को दिए गए थे।
इसके तहत यातायात दबाव का वैज्ञानिक आंकलन, ओडी सर्वे के जरिए वाहन आवागमन की दिशा औ संख्या का विश्लेषण किया जाएगा। साथ ही परियोजना को बीओटी या पीपीपी मॉडल पर लागू करने की संभावनाओं की जांच होगी, जिससे निजी भागीदारी के जरिए वित्तीय बोझ कम किया जा सके। भूमि अधिग्रहण, अतिक्रमण, न्यायालयीन मामले और बिजली-पानी जैसी यूटिलिटी शिफ्टिंग से जुड़े पहलुओं पर भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
रिंग रोड घोषणा के बाद टोंक शहर में बिल्डर्स द्वारा रिंग रोड के आसपास और उसके नजदीक की सीमा में आने वाली जमीनों की खरीद फरोख्त की ओर कदम बढ़े ही थे कि सरकार द्वारा डीपीआर बनाने के जारी आदेशों को निरस्त करने से बिल्डर्स व भूमी मालिकों में मायूसी छा गई है।
सार्वजनिक निर्माण विभाग ने टोंक में रिंग रोड की डीपीआर बनाने की तैयारी कर ली थी। टोंक में इसका क्षेत्रफल करीब 20 किमी का तय था। इसके बनने के बाद परिवहन व्यवस्था और बेहतर होगी। शहर में यातायात का दबाव कम होगा। शहर में रिंग रोड मेहगांव पक्का बंधा से शुरू होकर तारण, बाड़ा जेरे किला, लहन, मोलाईपुरा होकर बहीर तक निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। डीपीआर निर्माण के लिए कंसल्टेंसी को वर्क आर्डर जारी कर दिए थे।
रिंग रोड की घोषणा के बाद प्रस्तावित क्षेत्रों में जमीनों की खरीद-फरोख्त बढ़ने लगी थी, लेकिन डीपीआर प्रक्रिया रुकने से बिल्डर्स और जमीन मालिकों में निराशा का माहौल है। मुख्य अभियंता (पथ) मुकेश भाटी ने निर्देश दिए हैं कि फिलहाल डीपीआर के कार्यादेश जारी नहीं किए जाए। पहले विभागीय स्तर पर तकमीना तैयार कर वित्त विभाग की टिप्पणियों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। टोंक खंड कार्यालय की ओर से जनवरी 2026 में प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
राज्य सरकार ने 11 शहरों में रिंग रोड निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की सैद्धांतिक सहमति दी थी। इनमें बालोतरा, बांसवाड़ा, बाड़मेर, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, कोटपूतली, सिरोही और टोंक शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 12.92 करोड़ रुपए आंकी गई है, जो डीपीआर तैयार करने के कार्य से संबंधित है।