टोंक

भीषण गर्मी का असर, राजस्थान के 3 जिलों की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध का जलस्तर तेजी से घटा

Bisalpur Dam: जयपुर, अजमेर और टोंक जिले सहित लाखों लोगों की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध पर बढ़ती गर्मी का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। तेज तापमान और तपती धूप के कारण बांध के जलस्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है।
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May 13, 2026
Tonk Rajasthan Bisalpur Dam water level
फोटो: पत्रिका

टोंक। जयपुर, अजमेर और टोंक जिले सहित लाखों लोगों की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध पर बढ़ती गर्मी का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। तेज तापमान और तपती धूप के कारण बांध के जलस्तर में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। पहले जहां प्रतिदिन करीब एक सेंटीमीटर पानी कम हो रहा था, वहीं अब हर दो दिन में लगभग तीन सेंटीमीटर तक पानी घटने लगा है। अधिकारियों के अनुसार प्रतिदिन आधा सेंटीमीटर से अधिक पानी केवल वाष्पीकरण में खर्च हो रहा है।

बीसलपुर बांध परियोजना के अधिशासी अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि सर्दियों में नहरों से सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने के बावजूद वाष्पीकरण कम रहता था, लेकिन वर्तमान में नहरें बंद होने के बाद भी तेज गर्मी के कारण बांध के गेज में प्रतिदिन करीब डेढ़ सेंटीमीटर गिरावट दर्ज की जा रही है।

पर्यटकों की आवाजाही भी घटी

परियोजना कंट्रोल रूम के अनुसार मंगलवार को बांध का जलस्तर 314.04 आरएल मीटर दर्ज किया गया, जबकि वर्तमान में बांध में 28.564 टीएमसी पानी संग्रहित है। पूर्ण जलभराव की स्थिति में बांध का गेज 315.50 आरएल मीटर और जलभराव 38.70 टीएमसी रहता है। अभी लगभग 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पानी फैला हुआ है। भीषण गर्मी का असर बीसलपुर बांध क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहता है। अब पर्यटक केवल सुबह और शाम के समय ही सीमित संख्या में पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों में मायूसी देखने को मिल रही है।

तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा

टॉक जिले में मई माह में गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। मौसम विभाग के अनुसार टोंक जिले में इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लगातार बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर विभिन्न विभागों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। जिले में अब तक अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा चुका है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या

भीषण गर्मी के चलते जिला सआदत अस्पताल एवं जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में उल्टी, चक्कर, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सआदत अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी 3050 पहुंच गई। सआदत अस्पताल के पीएमओ डॉ. प्रतीक सालोदिया ने लोगों को गर्मी से बचाव की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए। सिर ढककर बाहर निकलने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

Updated on:
13 May 2026 02:52 pm
Published on:
13 May 2026 02:52 pm