
Tonk Todaraisingh Heavy Rain: टोंक जिले के टोडारायसिंह कस्बे और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को मानसून की पहली तेज बारिश ने पूरे शहर का मंजर बदल दिया। तक्षक गिरी पहाड़ी की तलहटी में बसे टोडारायसिंह में दिनभर भीषण गर्मी और उमस से बेहाल लोगों को शाम होते-होते बारिश होने से राहत तो मिली, लेकिन देखते ही देखते कस्बे की मुख्य सड़कें दरिया में तब्दील हो गईं। बारिश ने जल निकासी व्यवस्था के दावों की भी पोल खोलकर रख दी।
एकाएक मौसम में आए बदलाव के बाद शुरू हुई मूसलाधार बारिश से कस्बे के निचले और मुख्य इलाकों में जलभराव हो गया। कस्बे के ब्रह्म अखाड़े से लेकर मानक चौक, आजाद मार्केट होते हुए भारतीय स्टेट बैंक तक के मुख्य बाजार मार्ग पर लगभग डेढ़ से दो फीट तक पानी का तेज बहाव देखने को मिला। पानी का बहाव इतना तेज था कि मुख्य सड़कों पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया और राहगीरों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया।
बारिश के कारण मुख्य बाजार में दुकानों के बाहर खड़ी कई मोटरसाइकिलें पानी के तेज बहाव में बहती नजर आईं। इसके अलावा कई दुकानों के बाहर रखा सामान भी जलभराव की चपेट में आकर बह गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम और सड़क पर बने तेज जलप्रवाह के नजारों ने स्थानीय दुकानदारों और शहरवासियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
सड़कों पर दरिया जैसे हालात और पानी में बहती मोटरसाइकिलों के दृश्य को देखने के लिए लोग अपनी दुकानों और घरों के बाहर आ गए। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने इस पूरे नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। घटना के तुरंत बाद बारिश, जलभराव और बहते वाहनों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे और कई लोग इसका लाइव नजारा भी शेयर करते दिखे।
हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि टोडारायसिंह कस्बे में तेज बारिश के बाद सड़कों पर पानी भरने की स्थिति हर साल ही देखने को मिलती है। लेकिन इस बार मानसून की पहली ही तेज बारिश में पानी का वेग और बहाव इतना भयानक रहा कि लोग सहम गए। इस पहली ही बारिश ने नगर की बदहाल जल निकासी व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मूसलाधार बारिश क्षेत्र के कृषि और जलस्रोतों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। तेज बारिश के चलते टोडारायसिंह कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्थित तालाबों, बांधों और अन्य प्राकृतिक जलाशयों में पानी की आवक तेजी से शुरू हो गई है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे स्थानीय ग्रामीणों और किसानों के चेहरे इस जल आवक को देखकर खिल उठे हैं।