
बीसलपुर बांध की डाइन स्ट्रीम में ब्रिज को लेकर स्पान का कार्य किया जा रहा है (पत्रिका फोटो)
टोडारायसिंह (टोंक): बीसलपुर बांध के डाउनस्ट्रीम बनास नदी पर आधुनिक इंजीनियरिंग का अनूठा नमूना आकार ले रहा है। यहां राजस्थान का पहला एक्स्ट्रा-डोज्ड तकनीक आधारित ब्रिज बनाया जा रहा है। करीब 144.21 करोड़ रुपए की परियोजना के तहत बनने वाला यह पुल देवली-टोडारायसिंह के बीच बारिश के दौरान बाधित होने वाले आवागमन को बारहमासी कनेक्टिविटी देने के साथ बीसलपुर क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिए भी नई राह खोल सकता है।
पुल और एप्रोच रोड की कुल लंबाई करीब 1.5 किलोमीटर होगी। परियोजना की टेंडर वैल्यू 111.40 करोड़ रुपए थी। निर्माण कार्य 99.72 करोड़ रुपए में गुजरात की डीआरएआईपीएल-एलटिस (जेवी) को मिला है। निर्माण अवधि 730 दिन निर्धारित है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ब्रिज के कई स्पान पर काम शुरू हो चुका है।
देवली और टोडारायसिंह क्षेत्र के लोगों की बनास नदी पर स्थायी पुल की लंबे समय से मांग रही है। परियोजना पूरी होने पर दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन के साथ व्यापार, शिक्षा और सामाजिक संपर्क को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों और विद्यार्थियों के लिए सार्वजनिक परिवहन की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
बीसलपुर बांध, बनास नदी और तक्षकगिरी की पहाड़ियों के बीच बनने वाला यह पुल क्षेत्र के पर्यटन का नया आकर्षण बन सकता है। केबल आधारित संरचना और प्रस्तावित रात्रिकालीन रोशनी इसकी पहचान बढ़ाएगी। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने पर आसपास होटल, होम-स्टे, फूड प्वाइंट सहित अन्य सुविधाओं के विकसित होने की संभावना है।
बीसलपुर बांध के पूर्ण भराव के बाद गेट खुलने पर डाउनस्ट्रीम बनास नदी में पानी का बहाव बढ़ जाता है। इससे नदी का कच्चा रास्ता और बोटुंदा-राजमहल मार्ग का रपटा कई बार डूब जाता है। बारिश के दौरान करीब चार माह तक आवागमन प्रभावित रहने से देवली, टोडारायसिंह और आसपास के ग्रामीणों को 25 से 30 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। उच्च स्तरीय पुल बनने से इस मार्ग पर सालभर आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इंटेक पंप हाउस के पास धर्मशाला के सामने प्रस्तावित ब्रिज में कुल 20 स्पान होंगे। इनमें 144 मीटर का एक मुख्य स्पान, 72-72 मीटर के दो तथा 25-25 मीटर के 17 स्पान शामिल हैं। पुल की ऊंचाई करीब 25 मीटर और चौड़ाई करीब 12 मीटर होगी। एक्स्ट्रा-डोज्ड पीएससी बॉक्स तकनीक में केबल आधारित संरचना पुल को विशिष्ट स्वरूप देगी। देवली की ओर 550 मीटर और टोडारायसिंह की ओर 250 मीटर एप्रोच रोड प्रस्तावित है। पुल के दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े फुटपाथ और लाइटिंग की व्यवस्था भी होगी।
Updated on:
05 Oct 2026 02:27 pm
Published on:
05 Oct 2026 02:27 pm
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