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Tonk: ‘प्रधान’ के नाम का सिंदूर लगाना चाहती थी सुमन, दिल की बात कही तो कर दिया कत्ल; जज ने कविता पढ़कर सुनाई उम्रकैद

टोंक में पचेवर थाना क्षेत्र के नगर गांव में साल 2022 में एक लड़की की जहर देकर हत्या के मामले में विशिष्ट न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट आरती माहेश्वरी ने बुधवार को चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने अभियुक्त प्रधान पुत्र जगदीश, उसके भाई सवाईराम, मां सजना देवी निवासी शिकारपुरा सांगानेर, जयपुर तथा बहन सुशीला पत्नी मांगीलाल निवासी नगर थाना, पचेवर को दोषसिद्ध किया।
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टोंक

•

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Arvind Rao

•

Oct 01, 2026

tonk woman murder case

लड़की की हत्या में 2 भाई और बहन समेत मां को उम्रकैद (फोटो-एआई)

Tonk Suman Murder Case: टोंक की एससी-एसटी कोर्ट ने प्रेमिका की हत्या के मामले में प्रेमी, उसकी मां, भाई और बहन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशिष्ट जज आरती माहेश्वरी ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए कविता के जरिए पूरे घटनाक्रम और न्याय का संदेश भी बयां किया। अभियोजन के अनुसार, प्रेमी ने वर्ष 2022 में अपनी प्रेमिका सुमन को धोखे से जहर पिलाकर मार डाला था। इस वारदात में उसकी मां, भाई और बहन ने भी उसका साथ दिया था।

फैसला सुनाते हुए जज ने कहा- 'प्रेम कोई अपराध नहीं, पर विश्वासघात क्षम्य नहीं। न्याय का संदेश यही कि निर्दोष का रक्त व्यर्थ नहीं।'

कविता के जरिए जज ने बयां की पूरी कहानी

कुछ वर्षों का रिश्ता था, विश्वासों का संसार था,
क्या पता था उस मासूम को, मौत का षड्यंत्र तैयार था।
जाति के नाम पर प्रेम को विष का प्याला पिलाया,
जिसने जीवनभर साथ देने का वादा किया, उसी ने जीवन मिटाया।
मां, भाई और बहन के संग मिलकर मानवता को शर्मसार किया,
प्रेमिका के पवित्र विश्वास का निर्ममता से संहार किया।
विसरा में मिला विष, एटीएम बना गवाही,
सच को आखिर कब तक छिपाती यह कहानी?
न्याय की कलम अपराधियों को
उनके कर्मों की सजा दिलाएगी।
प्रेम कोई अपराध नहीं,
पर विश्वासघात क्षम्य नहीं।
न्याय का संदेश यही है-
निर्दोष का रक्त व्यर्थ नहीं जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

टोंक जिले के पचेवर थाना क्षेत्र के नगर गांव की रहने वाली सुमन जयपुर के वैशाली नगर में किराए के मकान में रहती थी। सांगानेर के शिकारपुरा निवासी प्रधान से उसका प्रेम प्रसंग था। 11 सितंबर 2022 को प्रधान सुमन को लेकर नगर आया और इसके बाद जयपुर लौट गया। 14 सितंबर को उसने सुमन के परिजनों को फोन कर बताया कि उसे सांप ने काट लिया है और अजमेर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सुमन के परिजन जब अजमेर पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को गांव लाकर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। कुछ दिन बाद सुमन की मौत को लेकर परिवार को शक हुआ। इसके बाद उसके भाई ने पचेवर थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस की जांच में सामने आया कि प्रधान ने सुमन को जहर देकर मार डाला था। पुलिस के अनुसार, उसकी मां, भाई और बहन ने भी इस वारदात में उसका साथ दिया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ चालान पेश किया।

प्रेमी समेत चारों को उम्रकैद

बुधवार को एससी-एसटी कोर्ट की विशिष्ट जज आरती माहेश्वरी ने प्रधान पुत्र जगदीश, उसकी मां संजना देवी, भाई सवाईराम और बहन सुशीला को हत्या का दोषी माना। कोर्ट ने चारों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

किसान हत्याकांड में भी कविता के जरिए सुनाया था फैसला

जज आरती माहेश्वरी ने वर्ष 2025 में किसान की हत्या के मामले में भी दोषियों को कविता के जरिए सजा सुनाई थी। उस दौरान उन्होंने किसान की जिंदगी और हत्या की घटना को कविता के माध्यम से अदालत के सामने रखा था।