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Tonk News: बहड़ के जंगल में दोस्तों के साथ गया था युवक, 100 फीट गहरी खदान में समाया

टोंक जिले में सेल्फी लेने के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 19 वर्षीय युवक की जान चली गई। बहड़ गांव के जंगल में करीब 100 फीट गहरी पानी से भरी खदान में पैर फिसलने से युवक गिर गया। रातभर शव खदान में पड़ा रहा, जिसके बाद शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर उसे बाहर निकाला।
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टोंक

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Kamal Mishra

•

Oct 02, 2026

Tonk News

Tonk: आक्रोशित ग्रामीणों को समझातीं तहसीलदार सृष्टि जैन (फोटो-पत्रिका)

टोंक। दोस्तों के साथ खदान क्षेत्र में घूमने और सेल्फी लेने गया युवक पलक झपकते ही मौत के मुंह में समा गया। निवाई क्षेत्र के बहड़ गांव के जंगल में गुरुवार शाम सेल्फी लेते समय पैर फिसलने से युवक करीब 100 फीट गहरी पानी से भरी खदान में जा गिरा। दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिली। सूचना के बाद बरोनी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन रातभर शव बाहर नहीं निकाला जा सका। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। मृतक की पहचान शिवाड़ निवासी विशाल चंदेल (19) पुत्र लालाराम खटीक के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार विशाल गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे अपने दोस्तों के साथ बहड़ के जंगल स्थित खनन क्षेत्र में गया था। इसी दौरान सेल्फी लेते समय उसका पैर अचानक फिसल गया। वह पहाड़ी की चट्टान से असंतुलित होकर नीचे करीब 100 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरा। अचानक हुए हादसे से दोस्तों में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने युवक को पानी से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।

घबराए दोस्तों ने दी पुलिस को सूचना

हादसे के बाद घबराए दोस्त तत्काल शिवाड़ पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। मामला बरोनी थाना क्षेत्र का होने पर थानाधिकारी जयमल सिंह राठौड़ जाप्ते के साथ देर रात घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने उच्च अधिकारियों को भी घटना से अवगत कराया।

रातभर इंतजार के बाद ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद शव गहरे पानी में ही पड़ा रहा। शुक्रवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाला। कानाराम चौधरी और शिवाड़ निवासी महेश की मदद से ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत शुरू की। काफी प्रयास के बाद शव को पानी से बाहर निकाला जा सका।

शव निकला तो फूटा ग्रामीणों का आक्रोश

शव बाहर आते ही ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। मुआवजे की मांग को लेकर उन्होंने शव उठाने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि हादसे के बाद प्रशासन की ओर से समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। गौ सेवा दल के जिलाध्यक्ष हनुमान चौधरी भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।

अवैध खनन की जांच की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने खदान क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पानी से भरे खदान क्षेत्रों के चारों ओर तारबंदी कराने की मांग की, ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति हादसे का शिकार न हो। इसके साथ ही क्षेत्र में कथित अवैध पत्थर खनन की जांच कराने की मांग भी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनिज विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध खनन का कारोबार चल रहा है।

अधिकारी पहुंचे तो शुरू हुई समझाइश

शुक्रवार सुबह करीब 10:45 बजे निवाई तहसीलदार सृष्टि जैन और बरोनी थानाधिकारी जयमल सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से वार्ता की। प्रशासन की ओर से राज्य सरकार और जिला कलक्टर के माध्यम से नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीण और परिजन शव उठाने के लिए राजी हुए।पुलिस शव को उप जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

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