उदयपुर

साइबर ठगी का बड़ा मामला: राजस्थान में पहली बार पति-पत्नी डिजिटल अरेस्ट, 12 दिन तक कमरे में कैद कर किया शोषण

उदयपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने रिटायर्ड अधिकारी और उनकी पत्नी को 12 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 67.90 लाख रुपए हड़प लिए। खुद को एजेंसी अधिकारी बताकर कमरे में कैद रखा गया। यह राजस्थान का पहला डिजिटल अरेस्ट मामला बताया जा रहा है।

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Jan 10, 2026
Husband and wife digitally arrested (Photo-AI)

Udaipur Digital Arrest News: उदयपुर शहर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, न्यू केशवनगर निवासी भरत व्यास और उनकी पत्नी आशा व्यास से 67 लाख 90 हजार रुपए की ठगी हुई है। व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग के जरिए पति-पत्नी को 12 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर रुपए हड़प लिए गए।

ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और न्यायिक मजिस्ट्रेट बताकर मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने की धमकी दी। व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए मानसिक दबाव बनाकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। पीड़ित की ओर से साइबर थाने में मामला दर्ज कराया गया है।

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ऐसे हुई ठगी

रिपोर्ट के मुताबिक, 28 दिसंबर को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें पीड़ित के खिलाफ शिकायत मिलने की बात कही गई। कुछ देर बाद व्हाट्सएप कॉल के जरिए खुद को सीबीआई दिल्ली से लक्ष्मण बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि उनका नाम नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में है, जिसमें 20 लाख रुपए के लेन-देन की बात बताई गई।

वीडियो कॉल पर पूछताछ के दौरान कार्रवाई का डर दिखाया गया। इसके बाद कॉल पर एक अन्य व्यक्ति जुड़ा, जिसने खुद को सीबीआई दिल्ली ब्रांच का एएसपी समाधान पंवार बताया। उन्होंने पीड़ित दंपती से संपत्ति और बैंक बैलेंस की जानकारी ली और कहा कि 29 दिसंबर सुबह 9 बजे वर्चुअल कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों को सफेद कपड़े पहनकर तैयार रहने को कहा गया।

अगली सुबह फिर कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को मजिस्ट्रेट बताया। उसने कहा कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का केस है और जमानत के लिए राशि जमा करनी होगी। पीड़ित दंपती ने गिरफ्तारी के डर से अलग-अलग बैंकों में रकम ट्रांसफर की। यह प्रक्रिया 28 दिसंबर से 8 जनवरी तक चली। इस दौरान लगातार वीडियो कॉल कर उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रखा गया।

कितने और कहां ट्रांसफर हुए पैसे

फिनो बैंक खाता: 5 लाख 50 हजार
इंडियन ओवरसीज बैंक: 9 लाख
सिटी यूनियन बैंक: 20 लाख
आईसीआईसीआई बैंक: 20 लाख
यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक: 2 लाख
आईसीआईसीआई बैंक (अन्य खाता): 6.40 लाख
ठगी की कुल राशि: 67 लाख 90 हजार 94 रुपए

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Updated on:
10 Jan 2026 01:24 am
Published on:
10 Jan 2026 01:19 am
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