RGHS: राजस्थान सरकार ने स्वास्थ्य योजना के तहत लाभार्थियों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 15 जून से अस्पताल परिसर से बाहर अथवा घर पर दी जाने वाली चिकित्सा परामर्श सेवाओं के लिए नई व्यवस्था रहेगी।

Rajasthan Government Health Scheme: राजस्थान सरकार के चिकित्सा विभाग ने आरजीएचएस के तहत मुफ्त या रियायती दवाएं लेने के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। 15 जून से लागू होने वाले इस नए नियम के अनुसार, अब किसी भी मरीज को बिना ऑनलाइन पर्ची (ई-पर्ची) के दवाइयां नहीं मिलेंगी। यह फैसला मुख्य रूप से उन मरीजों के लिए लिया गया है, जो डॉक्टरों से उनके घर पर या अस्पताल परिसर से बाहर परामर्श (चेकअप) लेते हैं।
यदि कोई डॉक्टर किसी आरजीएचएस लाभार्थी को उसके घर पर या अस्पताल के बाहर देखता है, तो डॉक्टर को आरजीएचएस पोर्टल के 'ओपीडी अट रेजिडेंस' (OPD at Residence) मॉड्यूल में मरीज की बीमारी और दवाओं की ऑनलाइन एंट्री करनी होगी। इसके बाद पोर्टल से ही ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन (ई-पर्ची) जनरेट करनी होगी।
हाथ से लिखी गई पुरानी कागजी पर्चियां अब मान्य नहीं होंगी। अगर कोई डॉक्टर हाथ से लिखकर पर्ची देता है, तो आरजीएचएस से जुड़ी कोई भी मेडिकल शॉप (फार्मेसी) उस पर दवा नहीं देगी।
सरकार ने सभी डॉक्टरों और दवा विक्रेताओं को इन नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। यदि कोई डॉक्टर बिना ऑनलाइन एंट्री के पर्ची देता है या कोई फार्मेसी पुरानी पर्ची पर दवा देती है, तो उनके खिलाफ आरजीएचएस नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने सभी डॉक्टरों, दवा दुकानदारों और लाभार्थियों को सलाह दी है कि वे 15 जून से पहले इस नए ऑनलाइन मॉड्यूल की पूरी जानकारी ले लें और अपनी तैयारियां पूरी कर लें, ताकि बाद में मरीजों को दवा लेने में कोई परेशानी न हो।