RAS Success Story: उदयपुर के जुहिल कोठारी ने RPSC 2024 में 51वीं रैंक हासिल की। 12 साल की मेहनत के बाद मिली सफलता। भावेश देसाई ने 100% दृष्टिबाधा के बावजूद दिव्यांग श्रेणी में दूसरी रैंक पाकर RAS बनने का सपना पूरा किया।
RAS Success Story: सफलता शोर नहीं मचाती, लेकिन जब मिलती है तो उसकी गूंज दूर तक सुनाई देती है। उदयपुर के चंदनवाड़ी क्षेत्र के रहने वाले जुहिल कोठारी ने आरपीएससी 2024 की परीक्षा में 51वीं और भावेश देसाई ने दिव्यांग श्रेणी में दूसरी रैंक हासिल की है।
जुहिल ने 2014 से तैयारी शुरू की। 12 साल बाद भी सफलता नहीं मिली तो लोग ताना मारते थे कि कब तक तैयारी करोगे। इस कारण उसने बताना बंद कर दिया था कि 2024 की परीक्षा दी है। वहीं, भावेश देसाई के 9वीं क्लास में आरएएस बनने के संकल्प को 100 प्रतिशत दृष्टिबाध्यता और शारीरिक व्याधि भी पूरा होने से नहीं रोक पाई।
उदयपुर के अर्चित कंठालिया ने दूसरे प्रयास में आरपीएससी में 145वीं रैंक हासिल की। उदयपुर से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद 2024 में प्राइवेट यूनिवर्सिटी से एलएलबी की। आरएएस की तैयारी के लिए जयपुर में कोचिंग ली।
अर्चित ने 2023 से तैयारी शुरू कर दी थी और पहले प्रयास में पिछले प्रयास में वे मेन्स तक नहीं पहुंच पाए थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 2024 में सफलता प्राप्त की। रिजल्ट वाले दिन अर्चित पटवारी की ट्रेनिंग ले रहे हैं। हर्षित के पिता प्रवीण एक ई-मित्र की दुकान चलाते हैं और मां सीमा देवी गृहणी हैं।
जुहिल 2014 में एमएलएसयू से बीकॉम करने के बाद यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली चले गए। जहां हिस्ट्री में एमए किया। सफलता नहीं मिली तो 2018 में दिल्ली से उदयपुर लौट आए और अपने पिता के साथ कृषि मंडी में काम करने लगे। मंडी में नारियल का व्यापार करते हुए पढ़ाई जारी रखी।
वे बताते हैं, मैं दिन भर दुकान के काम के साथ-साथ 4-5 घंटे पढ़ाई के लिए निकाल लेता था। जब परीक्षा नजदीक आती, तो आखिरी के डेढ़ महीने में दुकान से पूरी तरह कट-ऑफ होकर 10-12 घंटे सिर्फ पढ़ाई को देता था। उन्होंने अपनी तैयारी को पूरी तरह गुप्त रखा। उनके माता-पिता और पत्नी के अलावा किसी को नहीं पता था कि वे आरएएस की तैयारी कर रहे हैं।
जुहिल का मानना है कि जब लोग पूछते हैं तैयारी का क्या हुआ? तो मानसिक तनाव बढ़ता है, इसलिए उन्होंने शांति से काम करना बेहतर समझा। जुहिल के परिवार में उनके पिता विनय कांत कोठारी और माता संगीता कोठारी हैं।
उनकी पत्नी श्रुति सिंह दिल्ली की एक कंपनी में कार्यरत हैं। जुहिल का मानना है कि सीधे बड़े एग्जाम में बैठने के साथ-साथ अन्य सरकारी नौकरी या रोजगार लग जाए, तो बड़े एग्जाम को क्रैक करने की संभावना और आत्मविश्वास बढ़ जाता है।
बोहरा गणेशजी निवासी अनुभव सुवालका को 538वीं रैंक मिली है। गुजरात के गांधीनगर स्थित पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी से बीटेक किया था। स्कूलिंग उदयपुर के सेंट्रल एकेडमी स्कूल से की। परिवार में अनुभव की बुआ विना सुवालका जज हैं। इनके छोटे भाई डॉ. साहिल सुवालका एम्स में डॉक्टर हैं। पिता राजकुमार सुवालका व्यवसायी हैं।
डूंगरपुर के हिथाई के रहने वाले भावेश देसाई ने अनुसूचित क्षेत्र से जनरल वर्ग में 97वीं रैंक तथा दृष्टि दिव्यांग श्रेणी में दूसरी रैंक हासिल की। भावेश की कहानी एकदम फिल्मी सी है। जन्म से 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित थे। शिक्षा अहमदाबाद व उदयपुर के एमएलएसयू से हुई। 2018 में स्नातक और 2020 में बीएड किया।
भावेश न केवल पढ़ाई में मेधावी हैं, बल्कि खेल के मैदान के भी धुरंधर रहे हैं। वे राजस्थान ब्लाइंड क्रिकेट टीम के कप्तान रह चुके हैं। अभी भी सक्रिय खिलाड़ी हैं। 2024 में एक टूर्नामेंट के दौरान चोट लगी, जिससे पैरालिसिस का शिकार हो गए थे। 3 महीने पढ़ाई बाधित रही, पर अस्पताल से उठकर किताबों और ऑडियो नोट्स की दुनिया में वापसी की।
भावेश 10 वर्षों से राजस्थान के एक जाने-माने भजन गायक हैं। वागड़ और मेवाड़ अंचल की स्थानीय भाषा में उनके गाए भजन यूट्यूब पर लोकप्रिय हैं। वे खुद भी भजन लिखते हैं।
परीक्षा में उनके राइटर सेकंड ईयर छात्र दिव्यांग पंचाल थे। भावेश ने पूरी तैयारी ऑडियो नोट्स सुनकर की। पिता नारायण किसान, माता शांति गृहिणी हैं। 13 अप्रैल को ही भावेश की शादी बिजली विभाग में एलडीसी चेतना से हुई।
सराड़ा की हेमलता पटेल को टीएसपीसी में 14 रैंक और ऑल राजस्थान में 337 में रैंक मिली है। वे 2022 से तृतीय श्रेणी अध्यापिका हैं। रा. उच्च प्रा. वि. पलुना में पदस्थ हैं। ऑनलाइन पढ़ाई कर दूसरे प्रयास में मुकाम हासिल किया।
पिता देवीलाल अध्यापक व माता गृहिणी हैं। वहीं, बड़गांव के ओमप्रकाश पटेल ने टीएसपी में 25वीं ऑल राजस्थान में 705 वी रैंक प्राप्त की है। पिता गणेश लाल अहमदाबाद में व्यवसायी हैं। माता गृहणी हैं। उदयपुर से स्नातक के बाद 2023 में रा.उ. मा. वि. सराड़ा में प्रयोगशाला सहायक हैं।