
Ujjain honeytrap Case: मध्य प्रदेश के उज्जैन हनीट्रैप गैंग मामले में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब नानाखेड़ा पुलिस द्वारा पकड़े गए हनीट्रैप और फिरौती गिरोह की जांच में एक और चौकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि इसी गिरोह ने शंकरपुर क्षेत्र के एक युवक को भी हनीट्रैप में फंसाकर उससे रुपए ऐंठे थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने इसी तरीके से और कितने लोगों को निशाना बनाया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का मुख्य आरोपी लोकेश शर्मा खुद को 'दबंग हिंदू सेना' नाम के संगठन का संस्थापक बताकर लोगों पर रौब जमाता था। उसने ठगी के लिए एक गैंग तैयार कर रखी थी। इसी पहचान और गैंग का इस्तेमाल कर वह साथियों के साथ लोगों को डराने और दबाव बनाने का काम करता था। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि संगठन के नाम का इस्तेमाल केवल भय पैदा करने के लिए किया गया था या इसके पीछे कोई अन्य भूमिका भी थी।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह पहले ऐसे लोगों की पहचान करता था, जिनके पास हाल ही में बड़ी रकम आई हो या जिन्हें सोशल मीडिया के जरिए आसानी से जाल में फंसाया जा सके। इसके बाद युवती फर्जी पहचान से इंस्टाग्राम पर दोस्ती करती और मुलाकात तय कराती। तय स्थान पर पहुंचते ही गिरोह युवक का अपहरण कर उसके साथ मारपीट करता, अश्लील वीडियो बनाता और उसे वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपए की फिरौती मांगता।
इसी पैटर्न पर कंस्ट्रक्शन व्यवसाय से जुड़े हैदर पटेल को भी निशाना बनाया गया था। पुलिस इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि युवती अंजलि ठाकुर और दीपक राजपूत अभी फरार है। पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज भी लगा है, जिसमें आरोपी पीड़ित को उसके पिता के हवाले करते दिखाई दे रहे हैं। अब पुलिस शंकरपुर की वारदात सहित गिरोह के पुराने मामलों की फाइलें खंगाल रही है।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया, लोकेश शर्मा और उसकी गैंग के सदस्यों ने 19 जुलाई की सुबह हैदर को पाकीजा के पास छोड़ा था। यहां उन्होने हैदर के पिता से 5 लाख रुपए लिए थे। शेष रकम बाद में लेने की योजना थी। टीआइ नरेंद्र यादव के अनुसार बदमाशों के कब्जे से हैदर की कार भी जब्त की गई है, जिसे वे बाकी रकम मिलने के बाद लौटाने वाले थे। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई दो अन्य कारें भी जब्त की गई है। सभी आरोपी फिलहाल 26 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर हैं।