उन्नाव

उन्नाव हादसा: क्रेन से बस उठाई तो नीचे गिरने लगीं लाशें, डिवाइडर से टकराकर 100 मीटर तक घिसटती चली गई तेज रफ्तार बस

Unnao Road Accident News: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर सरोज ट्रैवल्स की तेज रफ्तार स्लीपर बस पलटने से बिहार के दरोगा व कैदी समेत 7 लोगों की मौत, 25 यात्री घायल। क्रेन से बस उठाने पर नीचे से निकले शव। पढ़ें पूरी खबर...

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May 27, 2026
हादसे में क्रेन से बस उठाई तो नीचे गिरने लगीं लाशें | फोटो सोर्स- patrika.com / IANS

Unnao Road Accident News: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह एक बहुत ही दर्दनाक हादसा हो गया। सुबह करीब 5 बजे, जब बस में सवार सभी यात्री गहरी नींद में सो रहे थे तभी औरास इलाके के नीभाखेड़ा गांव के पास एक तेज रफ्तार स्लीपर बस अचानक डिवाइडर पर चढ़ी और पलट गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि पलटने के बाद भी बस सड़क पर करीब 100 मीटर तक घिसटती चली गई। इस हादसे में बिहार के एक दरोगा और एक कैदी समेत 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की वजह ड्राइवर को नींद की झपकी आना बताया जा रहा है।

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क्रेन से बस उठाई तो नीचे से गिरे शव

हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार मच गई। जो यात्री बस में नीचे की तरफ बैठे या सो रहे थे, वे सीटों के बीच ही बुरी तरह फंस गए। जब पुलिस और बचाव टीम ने मौके पर पहुंचकर क्रेन से बस को सीधा करवाया, तो बस के नीचे से शव गिरने लगे। मंजर इतना खौफनाक था कि कई लोगों के हाथ-पैर की उंगलियां कट गई थीं और एक मृतक मृतक का बायां पैर शरीर से पूरी तरह अलग हो चुका था। पुलिस ने तुरंत सभी घायलों और शवों को पास के अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने 7 लोगों को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में भर्ती कई घायलों के सिर, चेहरे और सीने पर गंभीर चोटें आई हैं।

बस में सवार यात्रियों का क्या कहना है?

यात्रियों ने बताया कि हम सब गहरी नींद में थे कि अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। ऐसा लगा कि बस किसी गहरी खाई में गिरती चली जा रही है। चारों तरफ लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर रहे थे। खिड़की का शीशा टूटा तो हम कुछ लोग किसी तरह बचकर बाहर निकलें और हाईवे से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों की मदद से बाकी लोगों को भी बाहर निकाला गया।

पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा, अंदरूनी चोटों से गई जान

हादसे में जान गंवाने वाले बिहार पुलिस के दरोगा रवीचरन और कैदी सीएस तोमर के शवों का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की एक टीम ने वीडियोग्राफी के साथ किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की बहुत ही दर्दनाक वजहें सामने आई हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, दरोगा के सिर में दो जगह गहरी चोटें आई थी और उनके शरीर की कई हड्डियां टूट गई थी। वहीं, कैदी तोमर के शरीर पर 6 गहरे जख्म थे और अंदरूनी चोट के कारण उनका फेफड़ा भी फट गया था। इसके अलावा अन्य मृतकों के भी सिर, चेहरे और छाती पर गंभीर चोटें मिली हैं। एक महिला की कंधे की हड्डी टूट गई है। घायलों में शामिल एक ढाई महीने की गर्भवती महिला और अन्य यात्रियों का इलाज चल रहा है।

ड्राइवर की लापरवाही, पहले से थे ओवरस्पीड के कई चालान

जांच में पता चला है कि यह हादसा पूरी तरह से लापरवाही की वजह से हुआ। दुर्घटनाग्रस्त बस 'सरोज ट्रैवल्स' कंपनी की थी, जिसे इसी साल 27 फरवरी 2026 को रजिस्टर कराया गया था। इस बस का रिकॉर्ड पहले से ही खराब था। बस पर तेज रफ्तार के 4 चालान पहले से ही पेंडिंग थे। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश में बिना परमिट के बस चलाने पर इस गाड़ी का 50 हजार रुपये का बड़ा चालान भी हो चुका था। हालांकि बस का बीमा और फिटनेस आगामी सालों तक के लिए वैध पाए गए हैं, लेकिन ड्राइवर लगातार ओवर स्पीड गाड़ी चलाता था।

कैमरा देखकर धीरे, फिर भगाते हैं बस

एक्सप्रेसवे की देखरेख करने वाली संस्था 'यूपीडा' के सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर बसों के लिए स्पीड लिमिट 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय है। लेकिन प्राइवेट बसों के ड्राइवर इस नियम को बिल्कुल नहीं मानते। वे चालाकी करते हैं, जहां सीसीटीवी कैमरा लगा होता है, वहां स्पीड कम कर लेते हैं, और जैसे ही कैमरा पार होता है, बस को फिर से रॉकेट की तरह भगाने लगते हैं। सुबह के समय जब ड्राइवर को हल्की सी भी झपकी आती है, तो इतनी तेज गाड़ी काबू में नहीं रहती और ऐसे भयानक हादसे हो जाते हैं।

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Updated on:
27 May 2026 05:21 pm
Published on:
27 May 2026 05:14 pm
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