Nautapa Vastu Tips: आसमान से बरसती आग और झुलसाती गर्मी के बीच आ गया है साल का सबसे गर्म हफ्ता यानी 'नौतपा'। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही तपती धूप आपकी सोई हुई किस्मत को चमका सकती है? वास्तु की एक छोटी सी और बेहद सस्ती तरकीब आपके घर में पैसों की ऐसी बरसात करेगी कि तिजोरी छोटी पड़ जाएगी। जानिए कैसे मिट्टी का एक छोटा सा बर्तन रातों-रात आपकी कंगाली को अमीरी में बदल सकता है!
Nautapa Vastu Tips, Nautapa Remedies : साल का वो समय आ चुका है जब सूरज देवता अपने पूरे रौद्र रूप में होते हैं। हम बात कर रहे हैं नौतपा की, जिसकी शुरुआत इस बार 25 मई से हो रही है और यह 2 जून तक चलेगा। इन 9 दिनों में गर्मी अपने चरम पर होती है। आम तौर पर लोग इस झुलसाती धूप से परेशान रहते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के नजरिए से देखें तो यह समय अपनी फूटी किस्मत को संवारने और धन-दौलत को आकर्षित करने का सबसे सुनहरा मौका है। अगर आप भी लंबे समय से आर्थिक तंगी या पैसों की किल्लत से जूझ रहे हैं, तो इस नौतपा में बस एक छोटा सा बदलाव आपके भाग्य के बंद दरवाजे खोल सकता है। वास्तुकार पंडित सुरेश शर्मा से जानिए वास्तु से अनुसार क्या करें क्या नहीं।
वास्तु शास्त्र में घर की उत्तर (North) और उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा यानी ईशान कोण को बहुत ही पवित्र और सकारात्मक माना गया है। यह दिशा जल तत्व की होती है और इसके स्वामी खुद धन के देवता भगवान कुबेर हैं।
नौतपा (Nautapa Vastu Tips) के दौरान इस दिशा का सही इस्तेमाल आपको मालामाल कर सकता है। आपको बस इतना करना है कि इस कोने में मिट्टी का एक छोटा सा घड़ा (मटका) या सुराही पानी भरकर रख देनी है। गर्मी के दिनों में मिट्टी के बर्तन में रखा जल न सिर्फ शीतलता देता है, बल्कि घर की नकारात्मक ऊर्जा को सोखकर सकारात्मकता का संचार करता है।
माना जाता है कि जिस घर के ईशान कोण (Ishaan Kon Vastu) में पानी से भरा मिट्टी का बर्तन होता है, वहां कभी पैसों की किल्लत नहीं होती और आय (Income) के नए रास्ते खुलते हैं।
अगर आप घर में बड़ा मटका नहीं रखना चाहते, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। वास्तु में मिट्टी से बनी हर चीज को बेहद पवित्र और समृद्धि लाने वाला माना गया है। आप बाजार से बहुत ही कम दाम में मिलने वाली इन चीजों को भी उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रख सकते हैं:
मिट्टी का गुल्लक (Piggy Bank): इसमें कुछ सिक्के डालकर उत्तर दिशा में रखें, यह बरकत को खींचता है।
मिट्टी के दीये या मूर्तियां: देवी-देवताओं की मिट्टी की प्रतिमा रखना भी शुभ होता है।
विशेष टिप: यदि आप पानी के बर्तन की जगह मिट्टी का गुल्लक या मूर्ति रख रहे हैं, तो ध्यान रखें कि हर शाम उसके पास मिट्टी का एक दीपक (Diya) जरूर जलाएं। इससे वास्तु दोष दूर होते हैं।
मिट्टी का पात्र घर में खुशहाली तो लाता है, लेकिन अगर कुछ बातों का ध्यान न रखा जाए तो फायदे की जगह भारी नुकसान भी हो सकता है। वास्तु के अनुसार इन 5 गलतियों से हमेशा बचें:
बर्तन को खाली न छोड़ें: पानी का मटका या सुराही कभी भी पूरी तरह खाली नहीं होनी चाहिए। खासकर रात को सोने से पहले इसे ऊपर तक पानी से जरूर भर दें। खाली बर्तन खाली तिजोरी का संकेत देता है।
टूटा या चटका हुआ बर्तन न रखें: अगर मिट्टी के बर्तन में जरा सी भी दरार आ जाए या वो कहीं से टूट जाए, तो उसे तुरंत हटा दें। टूटा हुआ बर्तन घर में भयंकर नकारात्मक ऊर्जा और कंगाली लाता है।
अग्नि से रखें दूर: जल तत्व के इस बर्तन को कभी भी गैस चूल्हा, हीटर या बिजली के उपकरणों (जो अग्नि तत्व के प्रतीक हैं) के पास न रखें। पानी और आग का मेल घर में कलह-क्लेश और धन हानि की वजह बनता है।
नियमित सफाई है जरूरी: बर्तन के आस-पास गंदगी न जमने दें। बासी पानी को रोज बदलें और ताजा पानी भरें। साफ-सफाई से ही मां लक्ष्मी का वास होता है।
गलत दिशा से बचें: इस पात्र को भूलकर भी दक्षिण या पश्चिम दिशा में न रखें, वरना इसके शुभ फल खत्म हो जाते हैं।
ज्योतिष और लोक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा (Nautapa Vastu Tips) के दौरान सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं। इस समय दान-पुण्य करने का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।
जल और फलों का दान: इस भीषण गर्मी में राहगीरों और जरूरतमंदों के लिए प्याऊ लगवाना, ठंडा पानी पिलाना या मिट्टी के घड़े दान करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है।
पशु-पक्षियों की सेवा: अपने घर की छत या बालकनी में मिट्टी के सकोरे (छोटे बर्तनों) में पानी और दाना जरूर रखें। बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने से कुंडली के कई ग्रह दोष शांत होते हैं और व्यापार व नौकरी में तरक्की मिलती है।
मौसमी फलों का दान: इस दौरान आम, तरबूज, खरबूजा या ककड़ी जैसी पानी से भरपूर चीजों का दान करने से घर में अन्न और धन के भंडार हमेशा भरे रहते हैं।
तो इस नौतपा में गर्मी से घबराने के बजाय वास्तु के इन छोटे और अचूक उपायों को अपनाएं और अपने घर में सुख-समृद्धि का स्वागत करें।