Vastu Shastra: घर में हरियाली न सिर्फ सुंदरता बढ़ाती है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करती है। लेकिन अगर पेड़-पौधों को वास्तु नियमों के अनुसार न लगाया जाए, तो इसके विपरीत प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं। इसलिए गार्डन बनाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।
Vastu Tips For Home Garden: आजकल घर की सुंदरता और पॉजिटिव माहौल बढ़ाने के लिए लोग बालकनी, छत या आंगन में पेड़-पौधे जरूर लगाते हैं। हरियाली न सिर्फ घर को आकर्षक बनाती है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी देती है। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार पौधे लगाने के भी कुछ खास नियम होते हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी माना गया है। गलत दिशा या अनुचित स्थान पर पौधे लगाने से नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में अगर आप नया घर बना रहे हैं या गार्डन तैयार कर रहे हैं, तो वास्तु नियमों को जानना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।
वास्तु के अनुसार पौधे लगाने का समय भी बहुत मायने रखता है। शुभ नक्षत्र और विशेष रूप से पूर्णिमा के दिन पौधे लगाना अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, किसी भी पौधे को सीधे जमीन में लगाने से पहले उसे गमले में उगाना बेहतर होता है। जब पौधा मजबूत हो जाए, तब उसे गार्डन में स्थानांतरित करें। इससे उसकी वृद्धि अच्छी होती है और वह लंबे समय तक हरा-भरा रहता है।
पौधों को सही दिशा में लगाना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। तुलसी का पौधा घर में अवश्य होना चाहिए और इसे उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में लगाना शुभ होता है। वहीं बड़े पेड़ हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगाने चाहिए। इन दिशाओं में भारी चीजें रखना अच्छा माना जाता है, जबकि उत्तर-पूर्व दिशा को हल्का रखना चाहिए।
गार्डन में कांटेदार पौधे जैसे कैक्टस लगाने से बचना चाहिए क्योंकि ये नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा पीपल और बरगद जैसे बड़े पेड़ घर के पास नहीं लगाने चाहिए। इन्हें मंदिर या खुले स्थानों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
अगर आप ईंट-पत्थर से गार्डन बना रहे हैं तो उसे दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनाना बेहतर होता है। बेल वाले पौधों को दीवार के सहारे लगाने के बजाय अलग सपोर्ट देना चाहिए ताकि वे संतुलित रूप से बढ़ सकें। साथ ही, ध्यान रखें कि पेड़ घर के बहुत करीब न हों, क्योंकि इससे धूप और हवा का प्रवाह बाधित हो सकता है।
अगर किसी कारण से पेड़ हटाना जरूरी हो, तो पहले उसकी पूजा करें और उससे क्षमा मांगें। माघ या भाद्रपद में पेड़ हटाना शुभ माना जाता है। साथ ही, उसकी जगह नया पौधा लगाने का संकल्प अवश्य लें।