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Kharmas End Date 2026: खरमास खत्म होते ही करने वाले हैं गृह प्रवेश की तैयारी, जानें नए घर के लिए 6 महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स

Kharmas End Date 2026: खरमास के समाप्त होते ही लोग शुभ कार्यों की शुरुआत करते हैं, जिनमें गृह प्रवेश भी शामिल है। नए घर में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए वास्तु शास्त्र के नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स, जो आपके घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर सकते हैं।

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भारत

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MEGHA ROY

Apr 09, 2026

Kharmas End Date 2026, Kharmas Kab Khatam Hoga 2026

Griha Pravesh Tips खरमास के बाद करें ये 6 काम| Freepik

Kharmas End Date 2026: 14 अप्रैल 2026 को सुबह 9:38 बजे खरमास समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद शुभ कार्यों की शुरुआत फिर से हो सकेगी। इस समय के खत्म होते ही लोग गृह प्रवेश, शादी और नए काम शुरू करने की तैयारी करते हैं। नया घर लेना और उसे सजाना हर किसी के लिए खास पल होता है, जिसमें सकारात्मक ऊर्जा का होना बेहद जरूरी माना जाता है। ऐसे में वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। अगर आप भी नए घर में प्रवेश करने जा रहे हैं, तो ये 7 महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स (Vastu Tips) आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

New House Vastu Tips: नए घर के लिए महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स

लिविंग रूम के लिए वास्तु टिप्स

लिविंग रूम घर का सबसे प्रमुख हिस्सा होता है, जहां मेहमानों का स्वागत किया जाता है। इसे उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। इस स्थान को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें। हल्के रंग जैसे सफेद, क्रीम या पेस्टल शेड्स घर में शांति और सकारात्मकता लाते हैं। फर्नीचर को पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना बेहतर होता है। यदि आप दर्पण लगाना चाहते हैं, तो उसे उत्तर दिशा की दीवार पर लगाएं।

किचन के लिए वास्तु टिप्स

रसोईघर को दक्षिण-पूर्व दिशा में बनाना सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि यह अग्नि तत्व का स्थान है। दीवारों पर पीला, नारंगी या लाल रंग उपयोग करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। चूल्हा भी दक्षिण-पूर्व दिशा में ही रखें और ध्यान रखें कि गैस चूल्हा और सिंक एक साथ न हों। किचन में उचित वेंटिलेशन होना भी बहुत जरूरी है।

बाथरूम के लिए वास्तु टिप्स

बाथरूम के लिए उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा सबसे उपयुक्त होती है। इसे मुख्य द्वार या रसोई के सामने नहीं बनाना चाहिए। दरवाजा हमेशा बंद रखें ताकि नकारात्मक ऊर्जा बाहर न फैले। हल्के रंगों का प्रयोग करें और पानी से संबंधित सभी चीजें सही हालत में रखें। लकड़ी का दरवाजा अधिक शुभ माना जाता है।

बालकनी के लिए वास्तु टिप्स

बालकनी का मुख उत्तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए, ताकि सुबह की धूप घर में प्रवेश कर सके। यहां हरे पौधे जैसे तुलसी, बांस या चमेली लगाने से सकारात्मकता बढ़ती है। लकड़ी के फर्नीचर का उपयोग स्थिरता और सुकून प्रदान करता है। बालकनी में कचरा या टूटी-फूटी चीजें रखने से बचें।

पूजा कक्ष के लिए वास्तु टिप्स

पूजा कक्ष को उत्तर-पूर्व दिशा में बनाना सबसे शुभ माना जाता है। यदि यह संभव न हो तो उत्तर या पूर्व दिशा का चयन करें। मूर्तियों को दीवार से थोड़ा दूर रखें और एक-दूसरे के सामने न रखें। हल्के रंगों का उपयोग ध्यान और शांति के लिए लाभकारी होता है।

पानी और घड़ी की सही दिशा

घर में पानी से जुड़ी चीजें जैसे फव्वारा या एक्वेरियम उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में रखें। वहीं, घड़ी को हमेशा उत्तर या पूर्व दीवार पर लगाएं और ध्यान रखें कि वह सही समय दिखाए, क्योंकि बंद घड़ी ठहराव का संकेत देती है।

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