
Politics on encounter in UP: उत्तर प्रदेश में बदमाशों के हो रहे एनकाउंटर को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सरकार पर कई आरोप लगा रहे हैं। वहीं, गाजीपुर में कमलेश बिंद के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद चंदौली से समाजवादी पार्टी का सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि पुलिस की गोली आरोपियों के एनकाउंटर में भेदभाव कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जो आरोपी बीजेपी समर्थित है, उसके पैर में गोली लग रही है, बाकी लोगों के कमर के ऊपर।
गाजीपुर में होटल कारोबारी विनीत राय की हत्या के बाद एनकाउंटर में मारे गए एक लाख रुपए के इनामी बदमाश कमलेश बिंद को लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है। चंदौली से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पीडीए समर्थित लोगों के कमर के ऊपर पुलिस की गोली लगती है, जबकि बीजेपी समर्थित और बीजेपी के नेताओं के समर्थित लोगों के कमर के नीचे, यानी पैर में गोली लगती है।
उन्होंने कहा है कि पुलिस एनकाउंटर में मारा गया व्यक्ति आरोपी था ना कि दोषी। इस मामले में सजा देने का काम अदालत का होता है, लेकिन अब पुलिस खुद को अदालत मान बैठी है और आरोपियों के दोष सिद्ध होने से पहले ही उनका एनकाउंटर कर दिया जा रहा है। दरअसल, जौनपुर में भी दूल्हा हत्याकांड में मारे गए रवि यादव को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई थी। इस मामले में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया था।
सपा सांसद ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस लोगों की जाति देखकर एनकाउंटर करती है। उन्होंने कहा कि आरोपी यदि पिछड़ा दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से आता है तो यह तय है कि उनका फुल एनकाउंटर किया जाएगा। वहीं, अन्य जाति के लोगों का हाफ एनकाउंटर होता है, यानी कि उनके पैर में गोली मार दी जाती है और उनकी गिरफ्तारी दिखाई जाती है।
दरअसल, गाजीपुर में कारोबारी विनीत राय की गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में बुधवार की रात एक लाख रुपए के इनामी और हत्याकांड में आरोपी कमलेश बिंद के साथ हुई मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से कमलेश मारा गया। वहीं, इस मुठभेड़ में एसओजी प्रभारी को भी गोली लगी थी, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। गौरतलब है कि कमलेश की अंतिम यात्रा के दौरान पुलिस पर पथराव भी किया गया। इस मामले में सपा ने करीब 50 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात की कही है और मुकदमा दर्ज किया गया है।