
वाराणसी. काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का अद्भृत हिंम श्रृंगार देख कर भक्त निहाल हो गये। गुरुवार को बाबा के मंदिर में दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। रंग-बिरंगे हिमखंडों में सजी महाकाल की अलौकिक झांकी ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
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काल भैरव मंदिर में आयोजित हिम श्रृंगार महोत्सव के तहत मंदिर की आकर्षण ढंग से सजावट की गयी थी। महोत्सव के आयोजक एंव श्रीराम मंदिर के महंत पंडित पवन उपाध्याय के आचार्यात्व में सबसे पहले बाबा को पंचामृत स्नान कराया गया। इसके बाद बाबा को सिंदूर अर्पित कर नवीन वस्त्र और मुखौटा धारण कराया गया। इसके बाद पकवान, फल और मदिरा का भोग लगा कर श्रृंगार आरती की गयी। इसके बाद बाबा बर्फानी का दरबार भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया। हिम श्रृंगार महोत्सव के लिए मंदिर की गुलाब, गेंदा, बेला, सुगंधित मालाओं से भव्य सजावट की गयी थी। बाबा के लिए बनाये गये हिमखंड सरोवर में घूमते हुए बतख सभी के आकर्षण का केन्द्र रहे। बाबा के दर्शन का क्रम दोपहर से आरंभ हुआ। जो देर रात तक जारी था।
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महादेव के रौद रुप है बाबा कालभैरव
महादेव के रौद रुप बाबा कालभैरव का दर्शन करने मात्र से ही जन्मों के पापों से मुक्ति मिल जाती है। काशी की धार्मिक मान्यता है कि काल भैरव का दर्शन करने से जीवन में आने वाली सारी बाधा खत्म हो जाती है। बनारस से जुड़ कोई भी मंत्री व अधिकारी जब तक काशी विश्वनाथ व बाबा कालभैरव मंदिर जाकर दर्शन नहीं करता है तब तक वह शहर में नहीं रह पाता है।
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