लगातार शव आने से करना पड़ रहा घंटों इंतजार, मणिकर्णिका घाट पर सबसे अधिक भीड़
वाराणसी. मोक्ष की नगरी काशी के पड़ रही रिकॉर्डतोड़ ठंड के चलते महाश्मशान घाट पर शव जलाने के लिए लोगों की भारी भीड़ हो रही है। लोगों को लाइन लगा कर घंटों इंतजार के बाद अंतिम संस्कार करने का मौका मिल रहा है। सबसे अधिक भीड़ मणिकर्णिका घाट पर हो रही है। हरिश्चन्द्र घाट पर भी आम दिनों की तुलना में बहुत अधिक शव पहुंच रहे हैं।
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बनारस में न्यूनतम तापमान ने ५६ साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। इतनी कड़ाके की ठंड पड़ रही है कि बेसहारा व बुजुर्गों का जान बचाना कठिन हो गया है। पूर्वांचल में 30 दिसम्बर को ठंड से ही 18 लोगों की जान गयी थी। शहर से अधिक स्थिति ग्रामीण क्षेत्र की खराब है, जहां पर मरने वालों की संख्या सबसे अधिक है। अधिक मौत होने का असर महाश्मशान घाट पर देखने को मिल रहा है। यहा पर लगातर शव आ रहे हैं। मणिकर्णिका घाट जाने वाली गलियों की ऐसी स्थिति है कि यहां पर लगातार शव आन से भीड़ लग गयी है। घाट पर इतने अधिक शव पहुुंच रहे हैं कि उन्हें जलाने के लिए जगह की कमी पड़ रही है इसलिए लोगों को घंटों इंतजार करके अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।
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आस-पास के जिलो से भी पहुंच रहे शव
धार्मिक मान्यता के अनुसार शिव की नगरी काशी के महाश्मशान में अंतिम संस्कार करने से मृतक की आत्मा को मोक्ष मिल जाता है। धार्मिक मान्यता है कि खुद महादेव आत्मा को मोक्ष मंत्र देते हैं। इसके चलते आस-पास जिलों व राज्यों के लोग भी बनारस में ही शव का अंतिम संस्कार करने पहुंच रहे हैं। इस समय उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है इसलिए अन्य जिलों से भी आने वाले शवों की संख्या बढ़ गयी है।
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