Varanasi News: काशी रेलवे स्टेशन (Kashi Railway Station) की जमीन पर बनी गंज शहिदा मस्जिद (Ganj Shahida Mosque) को हटाने को लेकर रेल प्रशासन और मुस्लिम पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। गंज शहिदा मस्जिद पर चस्पा किए गए नोटिस (Railway Pasted Notice at Ganj Shahida Mosque) को मुस्लिम पक्ष ने अवैध बताया है। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं…

Ganj Shahida Mosque at Kashi Railway Station: वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन (Kashi Railway Station) को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। काशी रेलवे स्टेशन को विकसित करने के लिए अवैध कब्जा (Illegal Construction) हटाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके तहत रेलवे ने स्टेशन के पास बनी गंज शहिदा मस्जिद (Ganj Shahida Mosque) को अवैध बताते हुए उसे हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। अब मुस्लिम पक्ष ने रेलवे की कार्रवाई का खुलकर विरोध किया है। इंतजामिया मस्जिद कमेटी ने रेलवे के नोटिस को अवैध बताया हुए कोर्ट जाने की बात कही है।
रेलवे द्वारा गंज शहिदा मस्जिद पर नोटिस लगाने का मुस्लिम पक्ष ने खुलकर विरोध किया है। इंतजामिया मस्जिद कमेटी ने नोटिस को अवैध बताया है। कमेटी ने कहा कि रेलवे की इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी जाएगी। रेलवे की कार्रवाई के बाद स्थानीय स्थर पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। मस्जिद पर नोटिस चस्पा करने की वजह से मुस्लिम समुदाय में नाराजगी है।
काशी रेलवे स्टेशन के पास स्थित गंज शहीदा मस्जिद को हटाने के लिए सोमवार को नोटिस चस्पा किया गया था। इस नोटिस में मस्जिद प्रबंधन को 20 जून तक जगह खाली करने का समय दिया गया है। रेलवे का कहना है कि यह भूमि रेलवे की संपत्ति है और स्टेशन विकास कार्यों के लिए इसे अतिक्रमण मुक्त करना आवश्यक है।
कैंट रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक अर्पित गुप्ता ने बताया कि स्टेशन के विस्तार, नई निर्माण परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं के विकास के लिए आसपास की भूमि को साफ करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि नोटिस चस्पा करने के साथ ही पूरे प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
रेलवे द्वारा मस्जिद पर लगाए गए नोटिस की कार्रवाई के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट हो गए हैं। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि सभी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। शांति-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। 20 जून की समय-सीमा नजदीक आने के साथ रेलवे और जिला प्रशासन विकास कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए रेल भूमि खाली कराने की तैयारी में लगा हुआ है।
रेलवे और जिला प्रशासन ने पहले भी काशी रेलवे स्टेशन के आसपास अतिक्रमण को चिन्हित करके कार्रवाई कर चुका है। किला कोहना (राजघाट) क्षेत्र में स्थित हनुमान मंदिर, अजगेब शहीद मस्जिद एवं मजार को संयुक्त कार्रवाई से हटाया जा चुका है। यह सभी अतिक्रमण हटाने से पूर्व सूचना और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया था।