Varanasi news : चौक और दशाश्वमेध थाने की पुलिस ने रविवार की सुबह अभियान चलाकर विश्वनाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ ठगी करने वाले 25 दलालों को गिरफ्तार किया है
वाराणसी: चौक और दशाश्वमेध थाने की पुलिस ने रविवार की सुबह अभियान चलाकर विश्वनाथ मंदिर में वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ ठगी करने वाले 25 दलालों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए लोग काफी दिनों से श्रद्धालुओं को ठगने का कार्य कर रहे थे और पुलिस को लगातार उनकी शिकायतें मिल रही थी। उसके बाद दोनों थानों की पुलिस ने अभियान चलाकर इन्हें गिरफ्तार किया है।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में वीआईपी दर्शन और स्पर्श दर्शन कराने के नाम पर दूर दराज से आए श्रद्धालुओं को ठगने के आरोप में 25 दलालों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि चौक थाने की पुलिस में 22 लोगों जबकि दशाश्वमेध थाने की पुलिस ने तीन दलालों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है और उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
मामले में जानकारी देते हुए एसीपी दशाश्वमेध अतुल अनजान त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस को कई दिनों से अवैध रूप से मंदिर का पुजारी बनकर श्रद्धालुओं के साथ ठगी करने की शिकायत मिल रही थी। उसके बाद रविवार की सुबह 4 से 5 बजे की बीच व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया गया और इस दौरान 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस काम में हाल ही में पुलिस विभाग में भर्ती किए गए पुरुष और महिला कांस्टेबल को शामिल किया गया, जिन्हें दलाल पहचानते नहीं है। इसके बाद संबंधित परिसर के आसपास और घाटों पर सादे वेशभूषा में उन्हें भेजा गया। इसके बाद ये दलाल पुलिस की पकड़ में आए। इस दौरान कुछ भागने की फिराक में थे जिन्हें पुलिस ने दौड़कर पकड़ लिया।
एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि पकड़े गए दलाल मंदिर के आसपास और घाट पर घूमने आए श्रद्धालुओं को अपने झांसे में लेते थे और उनसे ₹500 से ₹2000 तक की ठगी की जाती थी। उन्होंने बताया कि कुछ लोग पंडित की वेशभूषा में रहते थे और खुद को न्यास का कर्मचारी बात कर लोगों के साथ ठगी करने का काम करते थे। फिलहाल, मामले में पकड़े गए सभी 25 आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।