वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर अब किसी भी प्रकार के कार्यक्रम को करने के लिए शुल्क देना अनिवार्य होगा। वाराणसी नगर निगम ने इस संबंध में नई व्यवस्था लागू करते हुए शुल्क की घोषणा कर दी है। इसके अलावा, इवेंट करने के लिए अब 15 दिन पहले ही अनुमति लेनी होगी।
नगर निगम के पीआरओ संदीप श्रीवास्तव की मानें तो अभी तक काशी के घाटों पर किसी भी सांस्कृतिक, धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम के लिए नगर निगम को केवल सूचना देनी होती थी, लेकिन अब इसके लिए शुल्क निर्धारित कर दिया गया है।
नगर निगम के अनुसार, किसी भी संस्था या व्यक्ति को घाटों पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 880 रुपए प्रति वर्ग मीटर शुल्क देना होगा। नगर निगम ने प्रक्रिया को डिजिटल करते हुए स्मार्ट काशी मोबाइल ऐप के माध्यम से आवेदन करने का नियम बनाया है। इच्छुक आयोजकों को कार्यक्रम से 15 दिन पहले आवेदन करना होगा। आवेदन स्वीकृत होने के बाद ही आयोजन की अनुमति मिलेगी।
नगर निगम के पीआरओ संदीप श्रीवास्तव के अनुसार, घाटों पर लगातार बढ़ते आयोजनों के कारण गंदगी, तोड़फोड़ और रखरखाव की समस्याएं बढ़ रही थीं। घाटों के बेहतर रखरखाव और सुव्यवस्थित संचालन के लिए यह नियम लागू किया गया है। निगम ने गंगा उपविधि तैयार की है, जिसके तहत गंगा घाटों के क्षेत्र को संरक्षित करने और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए यह शुल्क प्रणाली लागू की गई है। अब काशी के घाटों पर कोई भी कार्यक्रम निःशुल्क आयोजित नहीं किया जा सकेगा और आयोजकों को नियमानुसार ऑनलाइन आवेदन करके ही अनुमति प्राप्त करनी होगी।