बीजेपी ने सुभासपा को नहीं दी है एक भी लोकसभा सीट, कांग्रेस के साथ सपा व बसपा गठबंधन की भी लगी वोटरों पर निगाहे
वाराणसी. लोकसभा चुनाव 2019 बेहद दिलचस्प मोड पर पहुंच चुका है। देश में प्रथम चरण मतदान हो चुका है जिसमे पश्चिम यूपी की आठ सीटे भी शािमल है। जबकि दूसरी तरफ आज भी कुछ क्षेत्रीय दलों को लेकर स्थिति साफ नहीं है। इसमे एक पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) है जिसका बीजेपी के साथ गठबंधन तो है लेकिन लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी को गठबंधन के तहत एक भी सीट नहीं मिली है। बड़ा सवाल यह है कि सुभासपा किस आधार पर लोकसभा सीट मांग रही है। उसका जवाब है कि पूर्वांचल के राजभर वोटर।
यह भी पढ़े:-अमित शाह ने किया खुलासा, 26 सीटो पर ऐसे जीतेगी बीजेपी
यूपी में बीजेपी, अखिलेश यादव व मायावती के महागठबंधन के साथ राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय संघर्ष है। सभी दल जानते हैं कि कांटे की लड़ाई होने पर हजारो वोट ही हार व जीत तय कर सकते हैं। सभी दलों ने अपना किला मजबूत करने के लिए छोटे जातीय दलो को अपने पाले में किया है। कांग्रेस ने बाबू सिंह कुशवाहा की जन अधिकार पार्टी, महान दल आदि से गठबंधन किया है जबकि सपा व बसपा का रालोद से गठबंधन है। इसी क्रम में बजेपी ने अनुप्रिया पटेल के अपना दल, निषाद पार्टी व सुभासपा से गठबंधन किया है। बीजेपी का अन्य दलों से गठबंधन को लेकर कोई विवाद नहीं है लेकिन सुभासपा के साथ जारी टकराव अभी खत्म नहीं हुआ। बीजेपी ने सुभासपा को एक सीट देने का संकेत दिया है लेकिन अभी तक इसका ऐलान नहीं हुआ है जिसके चलते सुभासपा की नाराजगी बढ़ती जा रही है। पूर्वांचल में सुभासपा के पास ही सबसे अधिक राजभर वोटर है ऐसे में राजभर वोटर खुद असमंजस में है कि उन्हें क्या करना है।
यह भी पढ़े:-अमित शाह ने काशी विश्वनाथ मंदिर में टेका मत्था, बीजेपी की जीत के लिए मांगा आशीर्वाद
बीजेपी चाहती है कि उसके सिंबल पर सुभासपा के प्रत्याशी लड़े चुनाव
बीजेपी से सुभासपा को घोसी संसदीय सीट मिलने की संभावना है। सूत्रों की माने तो बीजेपी चाहती है कि इस सीट से सुभासपा के प्रत्याशी कमल के सिंबल पर चुनाव लड़े। सुभासपा इसके लिए तैयार नहीं है। सुभासपा के पास अब अधिक विकल्प नहीं बचा है। सपा व बसपा गठबंधन से भी सुभासपा को एक सीट नहीं मिलने की संभावना है जबकि कांग्रेस के साथ सुभासपा जाना नहीं चाहती है। ऐसे में सुभासपा के पास दो ही विकल्प बचे हैं। यह तो बीजेपी गठबंधन के साथ बिना सीट मिले रहे या फिर अकेले ही चुनाव मैदान में उतर जाये।
यह भी पढ़े:-पहली बार दो बाहुबली आ सकते हैं आमने-सामने, एक ने थामा कांग्रेस का दामन
इन सीटों पर राजभर वोटर किसी कभी दल का बना व बिगाड़ सकते हैं समीकरण, इतने है पोलिंग वोट
घोसी:-2.5 लाख, बलिया:-1.15 लाख, चंदौली:-1.50 लाख, सलेमपुर:-1.50 लाख, गाजीपुर:-1.75 लाख, देवरिया:-80 हजार, आजमगढ़:-1.50 लाख, लालगंज:-2 लाख, अम्बेडकर नगर:-2.50 लाख, मछलीशहर:-डेढ़ लाख, जौनपुर:-1.15 लाख, वाराणसी:-1.50 लाख, मिर्जापुर:-70 हजार व भदोही में 80 हजार
यह भी पढ़े:भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर की बड़ी रणनीति का खुलासा, बीजेपी के साथ बसपा की बढ़ जायेगी परेशानी
बिना राजभर वोटरों के बीजेपी की राह नहीं होगी आसान
ओमप्रकाश राजभर के प्रतिनिधि शशि प्रताप सिंह ने बताया कि बिना हमारे सहयोग के बीजेपी की राह आसान नहीं होगी। राजभर वोटर लगातार हम लोगों से पूछ रहे हैं कि क्या करना है। अभी तक हम गठबंधन धर्म का पालन किये हुए हैं यदि बीजेपी हम लोगों को सीट नहीं देती है तो हम अपना निर्णय करने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।
यह भी पढ़़े:-सेना के राजनीतिकरण पर बीजेपी अध्यक्ष ने दिया बयान, कही यह बाते