Varanasi news: जिला मुख्यालय पर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर जलाने के मामले में कैंट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है..
Varanasi politics news: वाराणसी के जिला मुख्यालय पर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर जलाने के मामले में कैंट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी की तहरीर के बाद दर्ज की गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार की दोपहर वाराणसी के जिला मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने महोबा में युवती से हुए दुष्कर्म के मामले को लेकर प्रदर्शन किया था। बताया जा रहा है कि इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर में आग लगा दी और जोरदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद कार्यकर्ताओं के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी सुयश कुमार ने कैंट थाने में प्रार्थना पत्र सौंपते हुए यूपी के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री को अपमानित किए जाने का आरोप लगाया। सुयश ने आरोप लगाया कि देश के संवैधानिक पदों पर बैठे हुए शीर्ष नेताओं की तस्वीर जालना पूरी तरीके से और संवैधानिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे देश और दुनिया में भारत और उन नेताओं की छवि खराब होती है, जिसके बाद कैंट पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया है।
कैंट थाना अध्यक्ष राजकिशोर पांडे ने बताया है कि सुयश द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही सुयश ने कुछ वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं, जिसके बाद मुकदमे में आरोपियों के नाम डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया है कि पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा अमर्यादित टिप्पणी किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का पुतला दहन किया था। उसी के विरोध में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर जलाई थी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी और अजय राय का पुतला दहन करना गलत है। उसी के जवाब में लोकतांत्रिक तरीके से वै प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं।