
MLC Election in UP: विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों पर जीत के लिए बीजेपी ने एक नई रणनीति के तहत कार्य करना शुरू कर दिया है। पार्टी ने मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने के लिए मतदान से पहले काम से कम चार बार मुलाकात करने का निर्णय लिया है। इसके तहत विधायक, मंत्री और एमएलसी प्रतिदिन 25 शिक्षक मतदाताओं से मिलकर उनसे बातचीत करेंगे। यह फैसला महानगर कार्यालय में हुई बैठक में चुनावी तैयारी की समीक्षा के दौरान लिया गया है। बीजेपी को उम्मीद है कि इससे पार्टी को काफी ज्यादा फायदा मिलेगा और उनके कैंडीडेट्स चुनाव में जीत दर्ज कर सकेंगे।
वाराणसी खंड से एमएलसी चुनाव प्रभारी अरुण पाठक ने कार्यकर्ताओं और नेताओं से शिक्षक और स्नातक मतदाताओं तक पहुंचाने के लिए पूरी ताकत झोंकने को कहा है। बैठक में यह तय किया गया है कि मतदान से पहले प्रत्येक मतदाता से विधायक और मंत्री कम से कम चार बार संपर्क करेंगे। संपर्क की इस कड़ी में प्रतिदिन 25 शिक्षक मतदाताओं से व्यक्तिगत मुलाकात किया जाएगा। इसके साथ ही द्वितीय वरीयता के मतों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है। अरुण पाठक के मुताबिक, मतदाताओं को प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षक के हित में किए गए कार्यों की जानकारी भी दी जाएगी।
अरुण पाठक ने बताया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था को प्रमुखता से रखा जाए। वित्त विहीन शिक्षकों को मानदेय देने की कार्य योजना पर भी चर्चा की गई। इस दौरान मतदान के दिन अवकाश घोषित करने की मांग भी उठाई गई है। बीजेपी की इस बैठक में राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्र सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। बीजेपी का लक्ष्य है कि स्नातक और शिक्षक दोनों ही सीटों पर अपने उम्मीदवारों को जिताया जाए। इसके लिए वृहद स्तर पर कार्यक्रम चलाने की बात कही गई है।
काशी क्षेत्र के बीजेपी अध्यक्ष अशोक चौरसिया के मुताबिक, वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पूर्वांचल के आठ जिले आते हैं। पार्टी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश की सभी 11 सीटों पर जीत दर्ज करना है। उन्होंने चुनाव और संगठन की तैयारी की समीक्षा की है और कार्यकर्ताओं से मतदाताओं के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि के मुताबिक, शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में प्रबुद्ध वर्ग और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तैयारी की गई है। सभा स्थल पर 10 हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। आयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारियां सौंप गई हैं।