
Codeine cough syrup case: कोडिन कफ सिरप की कथित तस्करी के मामले को लेकर फरार आरोपियों पर वाराणसी पुलिस और कोर्ट लगातार कार्रवाई करते जा रहा है। आदमपुर थाना क्षेत्र के कायस्थ टोला निवासी और तस्करी का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल फरार है। वहीं, अब उसकी पत्नी वैशाली जायसवाल उर्फ वैशाली पोसवानी के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द वैशाली को गिरफ्तार करके न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया जाए। शुभम जायसवाल के साथ ही वैशाली भी फरार है। शराब के ठेके और संपत्तियों की जांच में वैशाली का नाम सामने आने के बाद न्यायालय ने यह निर्देश जारी किया है।
पुलिस ने बताया है कि कोडिन कफ सिरप की कथित तस्करी से की गई कमाई और उससे जुड़ी संपत्तियों की जांच के दौरान वैशाली का नाम सामने आया था। जांच में यह पता चला कि शराब का ठेका और सिगरा थाना क्षेत्र में संपत्ति समेत कई संपत्तियों की जानकारी निकलकर सामने आई। आशंका है कि शुभम जायसवाल फरार है और दुबई में रह रहा है। वहीं, उसकी पत्नी भी फरार बताई जा रही है। पुलिस वैशाली का नाम सामने आने के बाद उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। हालांकि, वह कहां है, अभी इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं हो पाई है।
कोतवाली प्रभारी दयाशंकर सिंह के मुताबिक, इस मामले में फरार सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शुभम की पत्नी वैशाली के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस की कई टीमें जगतगंज स्थित उसके घर के अलावा रिश्तेदारों, उसके जाने वालों और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। कोर्ट के अधिपत्र में वैशाली जयसवाल पत्नी शुभम जायसवाल आदमपुर थाना के कायस्थ ओला इलाके और जगतगंज में उसका पता दर्ज किया गया है।
तस्करी के इस बड़े खेल में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल समेत तीन अन्य आरोपियों की भी तलाश पुलिस कर रही है। एसआईटी और पुलिस की टीमें फरार आरोपियों के रिश्तेदारों और करीबियों से जानकारी जुटाने में लगी हुई है। पुलिस ने बताया है कि इस दौरान जांच में जिन लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं, शुभम जायसवाल को फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र देने के मामले में विकास सिंह नामक एक आरोपी को रोहनिया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी भी शुभम के कायस्थ टोला इलाके का रहने वाला है और उसने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अपने फार्म से शुभम को प्रमाण पत्र जारी कराया था।