
Congress leader Rahul Gandhi News: अमेरिका में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से भगवान राम पर टिप्पणी किए जाने के मामले में वाराणसी की विशेष MP-MLA अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में मजिस्ट्रेट अदालत के उस पुराने आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया गया था। विशेष अदालत ने अब इस पूरे मामले की नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश जारी किया है।
न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया है कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसलों को ध्यान में रखते हुए मामले की दोबारा सुनवाई की जाए और कानून के अनुसार आदेश पारित किया जाए। इसके बाद कोर्ट ने हरिशंकर पांडे बनाम राहुल गांधी एवं अन्य में पारित मजिस्ट्रेट के आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले पर पुन विचार किया जाएगा।
राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को लेकर 12 मई 2025 को एडवोकेट हरिशंकर पांडे ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने याचिका में बताया था कि राहुल गांधी ने अमेरिका दौरे के दौरान छात्रों के सवालों के जवाब में भगवान राम पर टिप्पणी की थी। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सनातन विरोधी हैं और भगवान राम पर उनकी टिप्पणी से करोड़ हिन्दुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
अधिवक्ता ने बीएनएस की धारा 196, 351, 353 और 356 के तहत राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। उन्होंने कोर्ट से अपील की थी कि राहुल गांधी को मामले में तलब किया जाए और राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो। शिकायतकर्ता ने अदालत से राहुल गांधी को तलब कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की अपील की थी।हालांकि अदालत ने अभी राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश नहीं दिया है। फिलहाल केवल मजिस्ट्रेट के पुराने आदेश को रद्द कर मामले की नए सिरे से सुनवाई का निर्देश दिया गया है।
दरअसल, 2025 में अपने अमेरिका दौरे के दौरान राहुल गांधी ने न्यूयॉर्क के ब्राउन यूनिवर्सिटी में छात्रों के सवालों के जवाब दिए थे। इस दौरान उन्होंने भगवान राम को लेकर काल्पनिक और पौराणिक जैसे शब्दों का उपयोग किया था। उनके इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने भी उनकी कड़ी निंदा की थी, जिसके बाद वाराणसी की अदालत में उनके खिलाफ याचिका दायर की गई थी।