वाराणसी

खाते से साइबर फ्रॉड नहीं कर पाए तो गोली मारकर की हत्या, वाराणसी में कारोबारी के मर्डर केस का खुलासा, चौंकाने वाले तथ्य आए सामने

Varanasi Crime News: वाराणसी पुलिस ने कारोबारी जितेंद्र पटेल की हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने कारोबारी हत्याकांड में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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Jun 29, 2026
Murder for 26 lakh in Varanasi
पुलिस ने किराना कारोबारी जितेंद्र पटेल की हत्या का खुलासा किया (फोटो- पत्रिका)

Jitendra Murder case Workout in Varanasi: वाराणसी में 8 जून को रोहनिया थाना क्षेत्र में हुए किराना कारोबारी जितेंद्र पटेल की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस दौरान एसओजी और रोहनिया पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गोली लगी है। पुलिस ने जांच के दौरान यह पाया कि पकड़े गए आरोपी साइबर क्रिमिनल हैं और मृतक के खाते से पैसे नहीं निकाल पाए थे। इसलिए उन्होंने उन्हें गोली मार दी। गोली लगने के बाद अस्पताल में कारोबारी की मौत हो गई थी।

जानकारी के मुताबिक, रोहनिया थाना क्षेत्र में किराना कारोबारी जितेंद्र पटेल की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी मिर्जापुर के विभिन्न थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और मूल रूप से साइबर ठगी का काम किया करते थे। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मिर्जापुर के अदलहाट थाना क्षेत्र के सुशील पटेल, मनीष सिंह और अमन सेठ को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, अहरौरा थाना क्षेत्र के आयुष पटेल और ग्यांशु पटेल को भी गिरफ्तार किया गया है।

मृतक के खाते में ₹26 लाख होने पर बनाई योजना

पुलिस ने बताया है कि पकड़े गए आरोपी पेटीएम के कर्मचारी बनाकर दुकानदारों के साथ ठगी किया करते थे। इसी दौरान करीब 6 महीने पूर्व ग्यांशु मृतक जितेंद्र पटेल की लकी जनरल स्टोर की दुकान पर गया था, जहां उसने पेटीएम केवाईसी के नाम पर जितेंद्र का मोबाइल चेक किया तो पता चला कि जितेंद्र के खाते में करीब 26 लाख रुपए हैं। इस घटना के बारे में आरोपी ने अपने अन्य साथियों को बताया और जितेंद्र का मोबाइल हासिल करने की योजना बनाई।

7 जून की देर रात जब जितेंद्र दुकान बंद करके घर की तरफ जा रहे थे। उसी दिन ग्यांशु और सुशील सिंह बाइक से मृतक जितेंद्र की दुकान की रेकी कर रहे थे और अमन सेठ, आयुष पटेल और मनीष सिंह कार से दुकान की रेकी कर रहे थे। इसी दौरान जब जितेंद्र अपने घर के पास पहुंचे तो घर से 200 मीटर पूर्व ही उन्हें गोली मार दी गई, जिसके बाद वह घायल अवस्था में घर पहुंचे और परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में इलाज के दौरान 8 जून को उनकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया था।

साइबर क्राइम के लिए की हत्या

पुलिस ने बताया कि एसओजी और रोहनिया पुलिस को सूचना मिली कि कुछ आरोपी मिर्जापुर से टिकरी के समीप गंगा नदी पर बने पीपा पुल के रास्ते सौरभ विहार कॉलोनी आए हुए हैं। इसके बाद एसओजी और रोहनिया थाना पुलिस ने मौके पर घेराबंदी की इस दौरान पुलिस को अपनी तरफ आता देख सुशील पटेल और प्रियांशु पटेल ने फायरिंग कर दी। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हुए।

पुलिस ने बताया है कि यह अपने आप में एक अनोखा मामला निकलकर सामने आया है, जहां साइबर क्रिमिनल पैसे को लूटने के लिए किसी की हत्या करने पर उतारू हो गए। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

Updated on:
29 Jun 2026 04:36 pm
Published on:
29 Jun 2026 04:36 pm
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