
Vidisha News :मध्य प्रदेश के विदिशा में अनाज तिलहन व्यापार उत्थान कल्याण संघ के त्रिवार्षिक निर्वाचन 2026 के लिए रविवार को मतदान प्रक्रिया चल रही है। शहर में स्थित पुरानी गल्ला मंडी स्थित संघ कार्यालय में बनाए गए मतदान केंद्र पर सुबह से ही व्यापारी मतदाताओं की आवाजाही का सिलसिला जारी है। बता दें कि, अनाज तिलहन व्यापार उत्थान कल्याण संघ के कुल 294 व्यापारी सदस्य इस चुनाव में अपना वोट डालेंगे। मतदान के दौरान व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
मतदान करने आने वाले व्यापारियों को केंद्र पहुंचने पर सबसे पहले सदस्यता का सत्यापन कराना है, इसके बाद निर्धारित चुनाव प्रक्रिया के तहत उन्हें मतदान का अवसर दिया जा रहा है। अध्यक्ष समेत संघ के विभिन्न पदाधिकारियों के निर्वाचन को लेकर व्यापारियों में पिछले कई दिनों से चर्चा और संपर्क का दौर चल रहा था। चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों ने व्यापारियों से संपर्क कर समर्थन की मांग भी की थी। इसके चलते मतदान के दिन भी चुनाव को लेकर व्यापारियों के बीच उत्सुकता देखने को मिल रही है।
त्रिवार्षिक चुनाव संघ के लिए बेहद खास माना जा रहा है। नई कार्यकारिणी के सामने व्यापारियों से जुड़े कई मुद्दों को उठाने और उनके समाधान के लिए जरूरी विभागों और प्रशासन के साथ समन्वय करने की जिम्मेदारी होगी। अनाज और तिलहन कारोबार से जुड़े व्यापारियों के लिए मंडी व्यवस्था, व्यापारिक सुविधाएं, कारोबार में आने वाली समस्याओं के साथ - साथ व्यापारियों से जुड़े कई अहम मुद्दे संघ के खास विषयों में शामिल रहते हैं।
व्यापारियों का कहना है कि, संघ की मजबूत और सक्रिय कार्यकारिणी व्यापारियों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से संबंधित अधिकारियों के सामने रखने में योदगान करती है। यही कारण है कि, चुनाव को लेकर सदस्यों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इदर, वोटिंग के लिए मतदान केंद्र पहुंच रहे व्यापारी अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर संघ के आगामी कार्यकाल के लिए नेतृत्व का चुनाव कर रहे हैं।
सबसे खास नजर अध्यक्ष पद के चयन पर बनी हुई है। अध्यक्ष संघ के स्तर पर व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने के साथ ही कई मुद्दों पर संगठन की दिशा तय करने में खास भूमिका निभाएगा। मतदान पूरा होने के बाद चुनाव कार्यक्रम के तहत मतगणना होगी। फिर परिणाम घोषित होंगे और नई कार्यकारिणी की तस्वीर साफ हो सकेगी।
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद यह तय होगा कि व्यापारियों का भरोसा किस नेतृत्व पर जाता है। नई कार्यकारिणी के सामने व्यापारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाने और संघ को प्रभावी मंच के रूप में मजबूत करने की चुनौती भी रहेगी।